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महुआ शराब पीने के बाद मुर्गा पार्टी में दो

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 31 July 2025


महुआ शराब और मुर्गा पार्टी के बाद दो लोगों की मौत हो गई, तीन गंभीर, गांव में मातम, ज़हरीली शराब की आशंका गहराई।

कोरबा।छत्तीसगढ़ के एक गांव में उस वक्त मातम पसर गया जब एक सामान्य सी दिखने वाली मुर्गा पार्टी ने दो लोगों की जान ले ली और तीन लोगों की हालत गंभीर हो गई। घटना महुआ शराब के अधिक सेवन के बाद हुई, जिससे गांव में दहशत और दुख का माहौल है। मृतकों में दो पुरुष शामिल हैं जबकि गंभीर रूप से बीमार लोगों में एक महिला भी है, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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घटना का विवरण

यह दिल दहला देने वाली घटना बस्तर संभाग के एक गांव की है। रविवार की शाम कुछ ग्रामीणों ने आपस में बैठकर पहले जमकर महुआ शराब पी और उसके बाद मुर्गा पार्टी की। रात होते-होते अचानक दो लोगों की हालत बिगड़ गई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं महिला समेत तीन लोगों की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

मृतकों की पहचान

मृतकों की पहचान रमेश नेताम (45) और जगदीश कश्यप (38) के रूप में हुई है। दोनों गांव के ही निवासी थे और खेती-बाड़ी का काम करते थे। उनके परिवारजनों ने बताया कि वे अक्सर महुआ शराब पीते थे, लेकिन इस बार शराब में कुछ गड़बड़ी थी, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

गंभीर हालत में तीन लोग

गंभीर रूप से बीमार लोगों में एक महिला शोभा बाई (40) शामिल है, जिन्हें अत्यधिक उल्टियां और बेहोशी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा दो अन्य पुरुष भी गंभीर हालत में हैं। डॉक्टरों के मुताबिक ज़हरीली शराब की आशंका है, और जांच के लिए सैंपल लैब भेजा गया है।

पुलिस और प्रशासन सतर्क

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने महुआ शराब बनाने वाले व्यक्ति से पूछताछ की है और उसके पास से शराब के सैंपल जब्त कर लिए गए हैं।

एसडीएम ने भी गांव का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्थानीय स्तर पर बनी हुई शराब का सेवन न करें और सरकार द्वारा अधिकृत दुकानों से ही शराब खरीदें।

स्थानीय स्तर पर बना रही थी शराब

प्राथमिक जांच में पता चला है कि जिस महुआ शराब का सेवन किया गया वह गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा घर में बनाई गई थी। अक्सर त्योहार या सामाजिक आयोजनों में लोग महुआ शराब तैयार करते हैं, लेकिन सही प्रक्रिया और शुद्धता न होने से इसमें ज़हर मिल सकता है।

सामाजिक जागरूकता की ज़रूरत

यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक चेतावनी भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में महुआ शराब के सेवन की परंपरा काफी पुरानी है, लेकिन सही निगरानी और प्रशिक्षण के अभाव में यह जानलेवा साबित हो रही है।

गांव के सरपंच ने इस घटना के बाद एक विशेष ग्रामसभा बुलाने की घोषणा की है जिसमें नशा मुक्ति और सुरक्षित पेय पदार्थों को लेकर चर्चा की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांव में शराब की जांच और निगरानी की व्यवस्था की जाए।

सरकार की प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ सरकार के जनसंपर्क विभाग ने एक बयान में कहा कि ज़हरीली शराब की आशंका को गंभीरता से लिया गया है। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार पहले ही अवैध शराब और नशे के खिलाफ अभियान चला रही है, लेकिन इस तरह की घटनाएं प्रशासन की चुनौतियों को बढ़ा देती हैं

निष्कर्ष रूप में
यह घटना एक चेतावनी है कि ग्रामीण स्तर पर शराब बनाने और सेवन करने की परंपरा को लेकर गंभीरता से सोचना होगा। सरकार, समाज और हर परिवार को मिलकर नशे के खिलाफ कदम उठाना होगा ताकि फिर कोई रमेश या जगदीश अपनी जान न गंवाए।

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