बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने यूपी के दो गांजा तस्करों को पकड़ा। आरोपी सेना का फर्जी पहचान पत्र दिखाकर गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। गांजा और नकली दस्तावेज बरामद।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और लंबे समय से नशे के कारोबार में सक्रिय थे। गिरफ्तारी के दौरान जब पुलिस ने पूछताछ की, तो दोनों ने खुद को सेना का जवान बताने की कोशिश की और फर्जी पहचान पत्र दिखाकर गुमराह करने लगे। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और जांच पड़ताल ने उनकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
Read it loud
जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि संदिग्ध युवक बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर परिवहन कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने नाकेबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान यूपी के दोनों तस्कर पकड़े गए। उनकी तलाशी लेने पर गांजे की बड़ी खेप बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से सेना का नकली पहचान पत्र, मोबाइल फोन और नकद राशि भी जब्त की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की चालाकियों से अपराधी अक्सर कानून से बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन पुलिस की सख्ती और तकनीकी जांच से उनके मंसूबे कामयाब नहीं हो पाते।
प्रारंभिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी गांजा आंध्रप्रदेश-ओडिशा की सीमा से लेकर उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में सप्लाई करते थे। नशे के इस अवैध कारोबार से वे लाखों रुपए कमा रहे थे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किस तरह से नशे का जाल पूरे देश में फैल रहा है। खासकर युवाओं को इस कारोबार में इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्य पुलिस ने साफ कहा है कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की सराहना की। नागरिकों का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से नशे के कारोबार पर लगाम लगेगी और समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपियों के संबंध किसी बड़े तस्कर गिरोह से जुड़े हैं।
