हादसे के दौरान एयरबैग नहीं खुलने पर उपभोक्ता फोरम ने बड़ा फैसला सुनाया। टोयोटा को तकनीकी खामी के लिए 61 लाख रुपए से ज्यादा मुआवजा देना होगा।
रायपुर। उपभोक्ता फोरम ने वाहन सुरक्षा से जुड़े एक बेहद अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। सड़क हादसे के दौरान कार के एयरबैग नहीं खुलने को गंभीर तकनीकी खामी मानते हुए फोरम ने टोयोटा कंपनी को 61 लाख रुपए से अधिक का मुआवजा चुकाने का आदेश दिया है। इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों और वाहन सुरक्षा मानकों के लिहाज से मील का पत्थर माना जा रहा है।
मामला रायपुर निवासी एक उपभोक्ता से जुड़ा है, जिसने टोयोटा की कार खरीदी थी। कुछ समय बाद एक गंभीर सड़क दुर्घटना में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन टक्कर के बावजूद कार के एयरबैग नहीं खुले। हादसे में कार सवार को गंभीर चोटें आईं और लंबे समय तक इलाज कराना पड़ा। पीड़ित ने इसे कंपनी की निर्माण संबंधी खामी बताते हुए उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई।
सुनवाई के दौरान उपभोक्ता फोरम ने तकनीकी रिपोर्ट, मेडिकल दस्तावेज और विशेषज्ञों की राय का अध्ययन किया। फोरम ने माना कि एयरबैग का समय पर न खुलना सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा है और यह निर्माता की जिम्मेदारी है कि सुरक्षा फीचर्स हर स्थिति में सही ढंग से काम करें। फोरम ने यह भी कहा कि ऐसी खामी से न केवल जान को खतरा होता है, बल्कि उपभोक्ता का कंपनी पर भरोसा भी टूटता है।
फोरम ने टोयोटा को पीड़ित को इलाज खर्च, मानसिक पीड़ा और क्षतिपूर्ति के तौर पर कुल 61 लाख रुपए से अधिक राशि देने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि बड़ी ऑटो कंपनियों को सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस फैसले के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर में हलचल मच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय अन्य वाहन कंपनियों के लिए भी चेतावनी है कि वे सुरक्षा फीचर्स की गुणवत्ता और जांच प्रक्रिया में कोई समझौता न करें। उपभोक्ता संगठनों ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आम लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता मिलेगी।


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