छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, तीन नक्सली गिरफ्तार। टिफिन IED, डेटोनेटर, वायर और अन्य विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सुरक्षाबलों ने एक ईनामी नक्सली समेत तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से टिफिन IED बम, डेटोनेटर, बैटरी और वायर समेत कई विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। यह कार्रवाई नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा एजेंसियों की लगातार सक्रियता का परिणाम है।
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स्पेशल ऑपरेशन के तहत की गई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा पर सुकमा के जंगलों में एक संयुक्त अभियान के दौरान की गई। DRG (District Reserve Guard), CRPF और स्थानीय पुलिस बल की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह ऑपरेशन चलाया।
जंगलों में लगातार बढ़ रही नक्सल गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद यह सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। मौके पर पहुंची सुरक्षा टीमों को तीन संदिग्ध व्यक्ति दिखे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया।
गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान और भूमिका
गिरफ्तार नक्सलियों में से एक पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित था। इनकी पहचान इस प्रकार हुई:
- मड़कम सोमलू (ईनामी नक्सली)
- लिंगा कोड़ोपी
- हिड़मा कवासी
तीनों नक्सली इलाके में सक्रिय मिलिशिया सदस्य बताए जा रहे हैं। ये लोग सुरक्षा बलों की मूवमेंट पर नजर रखने, IED प्लांटिंग और ग्रामीणों को डराने-धमकाने जैसे कामों में शामिल थे।
बरामद विस्फोटक सामग्री
गिरफ्तार नक्सलियों के पास से जो सामग्री जब्त की गई, उसमें शामिल हैं:
- एक टिफिन IED बम
- तीन डेटोनेटर
- वायर बंडल
- एक बैटरी सेट
- पर्चे और नक्सली साहित्य
- नकली वर्दी और बैग
सुरक्षा बलों ने बताया कि यह विस्फोटक सामग्री किसी बड़ी नक्सली साजिश का हिस्सा हो सकती थी। समय रहते इसे बरामद कर लिया गया, जिससे एक संभावित हमला टल गया।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
दंतेवाड़ा एसपी गौरव रॉय ने बताया:
“यह कार्रवाई सुरक्षा बलों की सतर्कता और रणनीतिक सूझबूझ का नतीजा है। इन गिरफ्तारियों से नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।”
वहीं बीजापुर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आगे भी इस तरह की संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें।
आतंक और रणनीति का नया चेहरा: टिफिन IED
नक्सली अब टिफिन IED बम का इस्तेमाल ज्यादा करने लगे हैं क्योंकि ये दिखने में सामान्य टिफिन की तरह होते हैं और पकड़ में नहीं आते। इनसे सुरक्षा बलों के काफिलों को निशाना बनाने की कोशिश की जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, IED को एक्टिव करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तार और डेटोनेटर से पता चलता है कि नक्सली अब तकनीकी रूप से ज्यादा सक्षम हो रहे हैं।
गिरफ्तारी से क्षेत्र में राहत की लहर
इस सफलता से आसपास के गांवों में राहत की लहर है। लंबे समय से ग्रामीण इन नक्सलियों की गतिविधियों से त्रस्त थे। अब उन्हें उम्मीद है कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी से उन्हें सुरक्षा मिलेगी।
ग्रामवासियों ने सुरक्षा बलों को सहयोग करने की बात कही और सरकार से क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज करने की अपील की।
सरकार की नीति और आगे की रणनीति
राज्य सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी जाए। ग्रामीण इलाकों में सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के साधनों का विस्तार किया जा रहा है ताकि युवाओं को नक्सलियों से दूर रखा जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में कहा था कि “नक्सलवाद का जवाब सिर्फ बंदूक नहीं, बल्कि विकास है।”
निष्कर्ष
सुरक्षा बलों द्वारा की गई यह कार्रवाई नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी कामयाबी है। इससे न सिर्फ एक संभावित खतरा टला, बल्कि यह संदेश भी गया कि नक्सली अब किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त रणनीति, स्थानीय सहयोग और सुरक्षाबलों की निरंतर निगरानी से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिल रही है।


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