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शिकागो में तीसरा छत्तीसगढ़ NRI सम्मेलन सम्पन्न

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 5 August 2025

शिकागो में ‘नाचा’ सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति चमकी, राज्यपाल और मंत्री ओपी चौधरी शामिल, प्रवासी भारतीयों का जुड़ाव और निवेश पर चर्चा।

रायपुर।छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक पहचान को एक नई ऊंचाई मिली जब अमेरिका के शिकागो शहर में ‘नाचा’ (NACHA) द्वारा तीसरा अंतर्राष्ट्रीय छत्तीसगढ़ NRI सम्मेलन आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेश बैस डेका (Ramen Deka) और राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री ओपी चौधरी (OP Chaudhary) ने विशेष रूप से शिरकत की।

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इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रवासी छत्तीसगढ़वासियों को एक मंच पर लाना, राज्य की संस्कृति और विकास की दिशा में सामूहिक योगदान को प्रोत्साहित करना और छत्तीसगढ़ की वैश्विक पहचान को सशक्त बनाना था।


‘नाचा’ सम्मेलन: छत्तीसगढ़ की संस्कृति का वैश्विक मंच

NACHA (Non-resident Association of Chhattisgarhi in America) की ओर से आयोजित इस तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके, दुबई और अन्य देशों से सैकड़ों प्रवासी छत्तीसगढ़वासी शामिल हुए। कार्यक्रम में न केवल छत्तीसगढ़ की लोककला, संगीत, नृत्य और खानपान को प्रदर्शित किया गया, बल्कि निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।


राज्यपाल रमेश डेका का संबोधन

राज्यपाल रमेश डेका ने अपने उद्बोधन में कहा,

“छत्तीसगढ़ एक तेजी से विकसित हो रहा राज्य है और प्रवासी छत्तीसगढ़वासियों की भूमिका इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप सब राज्य के सांस्कृतिक राजदूत हैं और विश्व में छत्तीसगढ़ की पहचान को मजबूत बना रहे हैं।”

उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में NRI छत्तीसगढ़वासियों से सहयोग की अपील की।


मंत्री ओपी चौधरी की भावनात्मक प्रस्तुति

छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री ओपी चौधरी ने अपनी मातृभूमि के गौरव को विश्वपटल पर पहुंचाने के लिए सभी NRI को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा,

“नाचा सम्मेलन प्रवासी छत्तीसगढ़वासियों के लिए एक भावनात्मक पुल की तरह है जो उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ता है। हम चाहते हैं कि NRI भाई-बहन राज्य के विकास में सहभागी बनें।”


सम्मेलन के मुख्य आकर्षण

  1. छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य और लोकगीतों की प्रस्तुति – पंथी, राऊत नाचा, करमा जैसे परंपरागत नृत्य अमेरिकी मंच पर प्रस्तुत किए गए।
  2. छत्तीसगढ़ी व्यंजन स्टॉल्स – फरा, चीला, ठेठरी, खुरमी जैसे व्यंजनों ने सबका दिल जीत लिया।
  3. बिजनेस मीट – राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा, विशेषकर स्वास्थ्य, शिक्षा और आईटी क्षेत्रों में।
  4. संवाद सत्र – जिसमें युवाओं ने छत्तीसगढ़ और अमेरिका की जीवनशैली, शिक्षा व अवसरों पर खुलकर बात की।

संस्कृति के साथ तकनीक और विकास की चर्चा

सम्मेलन में चर्चा का प्रमुख बिंदु यह भी रहा कि कैसे NRI छत्तीसगढ़वासियों की भागीदारी से राज्य में डिजिटल शिक्षा, स्टार्टअप इनोवेशन, ग्लोबल इन्वेस्टमेंट और कौशल विकास को बढ़ावा मिल सकता है। ओपी चौधरी ने बताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को भारत का “नॉलेज और इनोवेशन हब” बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

‘नाचा’ संगठन की भूमिका

NACHA के अध्यक्ष ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम कराना नहीं बल्कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासियों को एक ग्लोबल नेटवर्क में जोड़ना और राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाना है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष का सम्मेलन कनाडा में आयोजित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच

इस आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, भाषाएं और पारंपरिक विरासत को वैश्विक मंच मिला। अमेरिका के स्थानीय लोग और अन्य भारतीय समुदायों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और छत्तीसगढ़ी संस्कृति से परिचित हुए।

निष्कर्ष

NACHA सम्मेलन यह सिद्ध करता है कि भले ही छत्तीसगढ़वासी दुनिया के किसी भी कोने में हों, उनकी पहचान, उनकी संस्कृति और उनकी जड़ें हमेशा छत्तीसगढ़ से जुड़ी रहती हैं। यह सम्मेलन राज्य और प्रवासी समुदाय के बीच एक मजबूत सेतु साबित हुआ है, जो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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