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65 लाख का धान गबन, प्रभारी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 9 October 2025

रायपुर में 65 लाख रुपये मूल्य के धान गबन मामले में धान खरीदी प्रभारी को पुलिस ने एफआईआर दर्ज होते ही दबिश देकर गिरफ्तार किया।

रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बड़े धान गबन मामले ने प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को तेज कर दिया है। 65 लाख रुपये मूल्य के धान की गबन की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और मामले के धान खरीदी प्रभारी को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, यह मामला जिले के एक प्रमुख धान खरीदी केंद्र का है, जहां सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार हजारों क्विंटल धान खरीद के बाद गबन का खुलासा हुआ। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रभारी ने सरकारी धान को गलत तरीके से निजी लाभ के लिए हड़प लिया।

रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “एफआईआर दर्ज होते ही टीम को मौके पर भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की गई और धान खरीदी प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे यह संदेश जाता है कि सरकारी संपत्ति के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

अधिकारियों ने यह भी कहा कि मामले में अन्य सहकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रभारी ने सरकारी रिकॉर्ड में गलत एंट्री करके धान को गबन किया। इसके अलावा कुछ बाहरी दलालों के साथ भी मिलकर धान को बाहर बेचने की योजना बन रही थी।

धान गबन के इस खुलासे के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता चला कि प्रभारी ने पिछले कुछ महीनों में धान की बड़ी मात्रा को निजी तौर पर कब्जे में लिया।

स्थानीय किसानों ने इस मामले को लेकर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि “हमारी मेहनत की कमाई का धान सरकारी प्रणाली के माध्यम से सही तरीके से खरीदा जाना चाहिए, लेकिन ऐसे मामले किसानों के विश्वास को हिला देते हैं।”

पुलिस ने मामले में आरोपी के कब्जे से कुछ दस्तावेज और रिकॉर्ड भी बरामद किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच और अन्य संभावित साजिश का पता लगाया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार प्रभारी से पूछताछ में कई नई जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे पूरे गबन का नेटवर्क उजागर हो सके। जांच टीम इस बात पर भी नजर रखे हुए है कि क्या यह अकेला मामला है या अन्य केंद्रों में भी ऐसे गबन की घटनाएं हुई हैं।

कलेक्टर और कृषि विभाग ने इस घटना पर गंभीरता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि “किसानों की मेहनत की कमाई को किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।”

राज्य पुलिस ने बताया कि जल्द ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। वहीं, जांच के दौरान धान खरीदी केंद्रों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है।

इस घटना ने छत्तीसगढ़ में सरकारी धान खरीदी प्रणाली में पारदर्शिता और निगरानी के महत्व को भी उजागर किया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी प्रणाली और रिकॉर्डिंग को और मजबूत किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह के गबन की घटनाओं को रोका जा सके।

निष्कर्षतः, 65 लाख रुपये के धान गबन मामले में पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि सरकारी संपत्ति के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। किसानों के हित की रक्षा और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए विभाग और पुलिस लगातार सतर्क हैं।

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