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सूर्यकांत त्रिपाठी का तबादला नहीं, रायपुर जेल में ही

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 31 July 2025

कोल घोटाले में जेल बंद सूर्यकांत त्रिपाठी को दूसरी जेल नहीं भेजा जाएगा, कोर्ट ने स्थानांतरण याचिका खारिज की, जेल में उत्पात के लगे आरोप।

रायपुर। बहुचर्चित कोल घोटाले में जेल में बंद आरोपी सूर्यकांत त्रिपाठी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कोर्ट ने सूर्यकांत को रायपुर सेंट्रल जेल से अन्य किसी जेल में स्थानांतरित करने की याचिका को खारिज कर दिया है। इससे साफ है कि अब उन्हें रायपुर जेल में ही रहना होगा। बताया जा रहा है कि जेल प्रशासन ने सूर्यकांत पर जेल के भीतर नियमों का उल्लंघन करने और उत्पात मचाने का आरोप लगाया था, जिसके चलते स्थानांतरण का मुद्दा उठा।

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कोर्ट ने नहीं दी राहत

जेल प्रशासन ने न्यायालय में याचिका दायर कर सूर्यकांत त्रिपाठी को दूसरी जेल में शिफ्ट करने की अनुमति मांगी थी। याचिका में कहा गया कि वह जेल के भीतर अन्य कैदियों और सुरक्षाकर्मियों के साथ अनुशासनहीनता कर रहे हैं, जिससे जेल की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालांकि, कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए स्थानांतरण की अनुमति नहीं दी।

कोल घोटाले में प्रमुख आरोपी

गौरतलब है कि सूर्यकांत त्रिपाठी कोल आवंटन घोटाले के बड़े आरोपियों में से एक हैं। उन पर कोल खदानों के आवंटन में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि उन्होंने प्रभाव और पहुंच का गलत इस्तेमाल करते हुए करोड़ों रुपये के घोटाले को अंजाम दिया।

जेल में अनुशासनहीनता के आरोप

जेल प्रशासन का दावा है कि सूर्यकांत ने जेल में रहते हुए कई बार नियमों का उल्लंघन किया है। वे अन्य कैदियों को भड़काने, जेल कर्मचारियों से बदसलूकी करने और अव्यवस्था फैलाने में संलिप्त पाए गए हैं। जेल अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनकी गतिविधियां सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हैं।

कोर्ट ने क्या कहा?

अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि केवल प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण की अनुमति नहीं दी जा सकती, जब तक कि यह साबित न हो कि अभियुक्त की सुरक्षा या जेल की शांति व्यवस्था को गंभीर खतरा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जेल प्रशासन को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन किसी भी स्थानांतरण से पहले ठोस आधार प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

मामले पर क्या बोले अधिवक्ता?

सूर्यकांत त्रिपाठी के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनके मुवक्किल को साजिश के तहत परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल किसी तरह की अव्यवस्था में शामिल नहीं हैं और उन्हें जेल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

जांच एजेंसियां अलर्ट

कोल घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई पहले ही सूर्यकांत से कई बार पूछताछ कर चुकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां इस मामले को लेकर गंभीर हैं और डिजिटल दस्तावेज़ों व लेन-देन की भी जांच चल रही है।

राजनीतिक हलचल भी तेज

इस पूरे मामले को लेकर सियासी गलियारों में भी चर्चाएं तेज हैं। विपक्षी दल सरकार और जेल प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगा रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है।

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