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अचानक डैम टूटा, दो मौतें, चार लोग लापता

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 3 September 2025

अचानक डैम टूटने से दो मकान बह गए। हादसे में दो लोगों की मौत और चार लापता। SDRF और प्रशासन ने राहत-बचाव अभियान शुरू किया।

बलरामपुर. छत्तीसगढ़ । में एक दर्दनाक हादसा सामने आया जब अचानक एक डैम टूट गया और उसके तेज बहाव में दो मकान पूरी तरह बह गए। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

हादसा कैसे हुआ?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, डैम की दीवारों में पिछले कुछ दिनों से दरारें आ रही थीं। भारी बारिश और पानी का बढ़ता दबाव इसे और कमजोर कर गया। अचानक आई तेज धारा ने डैम को तोड़ दिया और आसपास का इलाका जलमग्न हो गया।

दो मकान बह गए

तेज धारा इतनी खतरनाक थी कि डैम के किनारे बसे दो मकान पल भर में बह गए। मकानों में रह रहे लोग बहाव में फंस गए। आसपास के लोग शोर मचाते हुए बाहर निकले, लेकिन कई लोग बच नहीं पाए।

मौत और लापता लोग

अभी तक की पुष्टि के अनुसार इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं चार लोग अब भी लापता हैं। SDRF और स्थानीय पुलिस टीम मिलकर लगातार तलाश अभियान चला रही हैं। बचाव दल नावों और गोताखोरों की मदद से नदी-नाले में लापता लोगों की खोज कर रहा है।

प्रशासन ने शुरू की राहत कार्यवाही

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिला कलेक्टर ने हालात का जायजा लिया और प्रभावितों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं घायलों का नजदीकी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

मुआवजे का ऐलान

राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। लापता लोगों के परिवारों को भी हर संभव मदद का भरोसा दिलाया गया है। वहीं विस्थापित हुए परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं।

ग्रामीणों में भय और गुस्सा

इस हादसे ने ग्रामीणों के बीच गहरा आक्रोश और भय पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि डैम में दरार की जानकारी पहले से ही अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। अगर समय पर मरम्मत कर दी जाती तो आज ये हादसा टल सकता था।

जांच के आदेश

राज्य सरकार ने डैम टूटने की जांच के आदेश दिए हैं। विशेषज्ञों की टीम मौके पर भेजी गई है ताकि कारणों का पता लगाया जा सके और आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

प्रकृति का कहर और चेतावनी

इस हादसे ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि प्राकृतिक संसाधनों की अनदेखी और लापरवाही भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात के मौसम में सभी डैम और बांधों की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष

डैम टूटने की इस घटना ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन ग्रामीणों के लिए यह दर्दनाक हादसा लंबे समय तक याद रहेगा।


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