दुर्ग में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ऊर्जा संरक्षण, सुरक्षित बिजली उपयोग और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया।
दुर्ग। ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दुर्ग जिले में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों को बिजली की बचत, सुरक्षित उपयोग और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। आयोजन का मुख्य संदेश था कि आज के छात्र ही कल के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे और ऊर्जा के सही उपयोग से ही भविष्य सुरक्षित रह सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि अनावश्यक रूप से जलती लाइट, पंखे, कंप्यूटर और अन्य विद्युत उपकरण न केवल बिजली की बर्बादी करते हैं, बल्कि इससे पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। छात्रों को यह भी समझाया गया कि छोटे-छोटे प्रयास जैसे कमरे से बाहर जाते समय स्विच बंद करना, एलईडी बल्बों का उपयोग, प्राकृतिक रोशनी का अधिक से अधिक प्रयोग और ऊर्जा दक्ष उपकरणों को अपनाना बड़े स्तर पर बिजली की बचत में सहायक बन सकता है।
विद्यार्थियों को विद्युत सुरक्षा से जुड़े नियमों की भी जानकारी दी गई। खुले तारों से दूर रहने, गीले हाथों से स्विच न छूने, खराब उपकरणों की सूचना तुरंत बड़ों को देने और बिजली से जुड़े किसी भी खतरे से सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में छात्रों ने ऊर्जा बचत पर आधारित पोस्टर, नारे और लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी सोच भी साझा की। इससे न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी सकारात्मक संदेश मिला। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय स्तर पर इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंत में सभी विद्यार्थियों को ऊर्जा संरक्षण का संकल्प दिलाया गया कि वे अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में बिजली की बचत करेंगे तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। आयोजकों ने कहा कि आने वाले समय में जिले के अन्य विद्यालयों में भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।





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