आश्रम में छात्रों को चावल के साथ केवल नमक परोसा गया, प्रभारी अधीक्षक निलंबित, प्रशासन ने भोजन व्यवस्था की समीक्षा और सख्त कार्रवाई की।
सुकमा। छत्तीसगढ़ के एक आश्रम में छात्रों के भोजन में भारी लापरवाही सामने आई है। जानकारी के अनुसार, छात्रों को चावल के साथ कुछ भी नहीं परोसा गया, केवल नमक रखा गया। इस मामले के उजागर होते ही आश्रम के प्रभारी अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह घटना आश्रम में भोजन वितरण में हुई गंभीर चूक को दर्शाती है। छात्रों के अभिभावकों और समाज में इस घटना को लेकर कड़ी निंदा की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं है, बल्कि छात्रों के स्वास्थ्य और पोषण पर असर डालने वाला गंभीर मुद्दा है।
प्रभारी अधीक्षक के निलंबन के साथ ही आश्रम में भोजन व्यवस्था की तत्काल समीक्षा शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छात्रों के अभिभावकों ने कहा कि आश्रम में बच्चों की सुरक्षा और पोषण प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसा फिर कभी न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना शैक्षणिक संस्थाओं में निगरानी और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है। उन्होंने सुझाव दिया कि आश्रमों में नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर जोर देना जरूरी है।
इस मामले में जिला प्रशासन ने कहा कि छात्रों के लिए अतिरिक्त भोजन और पोषण सामग्री तुरंत उपलब्ध कराई गई है। आश्रम में सभी छात्रों का स्वास्थ्य और पोषण स्तर जांचा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए नई नीतियां लागू की जाएंगी।
