छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की कमी से नाराज स्कूली छात्रों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया, तहसीलदार और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख शहर में सोमवार को स्कूली छात्रों ने अपने भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। मुख्य मार्ग पर जुटे इन छात्रों ने करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया। उनका आरोप था कि उनके स्कूल में लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके चलते पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र नारेबाजी करते और प्लेकार्ड लहराते नजर आ रहे हैं।
Read it loud
शिक्षकों की कमी बना आक्रोश का कारण
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि स्कूल में कई विषयों के शिक्षक नहीं हैं। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों की कक्षाएं नियमित रूप से नहीं हो पा रही हैं। कई बार छात्र खुद ही नोट्स पढ़कर तैयारी करते हैं, लेकिन बिना शिक्षक के पढ़ाई का स्तर गिर रहा है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत के बावजूद शिक्षा विभाग ने उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
मुख्य मार्ग पर जाम, यातायात ठप
प्रदर्शन के दौरान छात्र मुख्य मार्ग पर बैठ गए और “हमें शिक्षक दो” जैसे नारे लगाने लगे। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और आम नागरिक इस जाम में फंस गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
तहसीलदार और पुलिस की मौके पर मौजूदगी
स्थिति को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत शिक्षा विभाग तक तुरंत पहुंचाई जाएगी और जल्द ही शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर मिला समर्थन
प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। कई यूजर्स ने छात्रों की हिम्मत की तारीफ करते हुए कहा कि यह सही समय पर उठाई गई आवाज है। वहीं कुछ लोगों ने इसे शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही का परिणाम बताया।
शिक्षा विभाग का जवाब
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि कुछ स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, जिसे दूर करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। विभाग जल्द ही अतिथि शिक्षक नियुक्त करेगा और खाली पदों को भरने की दिशा में काम कर रहा है।
छात्रों की मांगें
छात्रों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सभी विषयों के शिक्षक नियुक्त किए जाएं, ताकि उनकी पढ़ाई सुचारु रूप से हो सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वे फिर से सड़क पर उतरेंगे।
शिक्षा विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों का यह कदम गंभीर संदेश देता है। यह न केवल उनकी पढ़ाई का मामला है बल्कि उनके भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। अगर समय रहते शिक्षक उपलब्ध नहीं कराए गए तो इसका असर आने वाले वर्षों में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम पर भी पड़ सकता है।
यह घटना एक बार फिर छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है और यह दिखाती है कि छात्रों को अपनी शिक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और शिक्षा विभाग इस पर कितनी जल्दी ठोस कार्रवाई करते हैं।


अपनी प्रतिक्रिया दें Cancel reply