एनएचएम कर्मचारी 18 अगस्त से 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के कर्मियों का सब्र आखिरकार टूट गया है। अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले हैं। इस आंदोलन से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ सकता है।
Read it loud
कर्मियों की मुख्य मांगें
एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर शासन-प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी बातें अनसुनी की जा रही हैं। प्रमुख मांगों में निम्न शामिल हैं—
- नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करना
- वेतन विसंगतियों का समाधान
- समान कार्य के लिए समान वेतन
- सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के अवसर
- संविदा कर्मचारियों को स्थायी पद पर समायोजित करना
राज्यभर में असर
सूत्रों के मुताबिक, इस हड़ताल में डॉक्टर, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल होंगे। राज्यभर के अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इनकी अनुपस्थिति से मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
सरकार से वार्ता की अपील
कर्मचारियों ने कहा कि वे बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपील की जा रही है कि हड़ताल से पहले समाधान के रास्ते निकाले जाएं ताकि जनता को परेशानी न हो।
संभावित संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हड़ताल लंबी चली, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में दवा वितरण, मातृत्व सेवाएं और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं।
