राजस्व मंत्री के आश्वासन के बाद तहसीलदारों-नायब तहसीलदारों की हड़ताल स्थगित, 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, सेवाएं सामान्य हुईं।
छत्तीसगढ़ में लंबे समय से अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह फैसला राजस्व मंत्री के साथ विस्तृत वार्ता और उनके द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद लिया गया है। हड़ताल स्थगित होने के साथ ही राज्य भर में राजस्व कार्य अब सामान्य रूप से शुरू हो सकेगा।
Read it loud
📍 हड़ताल का प्रारंभ और कारण
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में कार्यरत तहसीलदार और नायब तहसीलदार बीते सप्ताह से 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत थे। उनकी प्रमुख मांगों में भत्तों में वृद्धि, पदोन्नति नीति में पारदर्शिता, कार्यस्थल पर सुरक्षा, और शासन स्तर पर सम्मानजनक व्यवहार जैसे मुद्दे शामिल थे।
हड़ताल के कारण ज़मीनी स्तर पर राजस्व कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ था। नामांतरण, बंटवारा, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे कार्य लंबित हो गए थे।
🧾 प्रमुख 17 सूत्रीय मांगें क्या थीं?
- वेतन विसंगति का समाधान
- पदोन्नति की समयबद्ध व्यवस्था
- कार्यालयों में बुनियादी सुविधाएं
- तहसील कार्यालयों में सुरक्षाकर्मी
- स्मार्ट ड्रेस कोड
- अलग से वाहन सुविधा
- राजस्व निरीक्षक की सहायता उपलब्ध कराना
- मोबाइल भत्ता
- समय-समय पर प्रशिक्षण
- आकस्मिक अवकाश में लचीलापन
- दफ्तरों में सफाई कर्मियों की नियुक्ति
- महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश में सुविधा
- ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ अफसरों के लिए आवास
- ऑनलाइन पोर्टल की दिक्कतों को दूर करना
- अनावश्यक दबाव से बचाव
- स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता
- अनुशासनात्मक कार्रवाई में निष्पक्षता
🤝 राजस्व मंत्री ने दिया भरोसा
तहसीलदार संघ और नायब तहसीलदार संघ की बैठक राजस्व मंत्री के साथ हुई। इस बैठक में सभी 17 बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने आश्वासन दिया कि:
- महत्वपूर्ण मांगों को शीघ्र शासन स्तर पर रखा जाएगा।
- कुछ मांगों पर तुरंत कार्यवाही शुरू की जा रही है।
- कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार राजस्व अधिकारियों के कार्यभार को समझती है और उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
📢 हड़ताल स्थगन का एलान
राजस्व मंत्री की बैठक के बाद तहसीलदार संघ और नायब तहसीलदार संघ ने संयुक्त रूप से हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सकारात्मक पहल की है, ऐसे में फिलहाल सेवा बहाल की जा रही है।
हड़ताल स्थगन के साथ ही राज्य भर में तहसील कार्यालयों में पुनः कामकाज शुरू हो गया है।
📌 जनता को राहत
हड़ताल के कारण जिन लोगों को प्रमाण पत्र, जमीन संबंधी दस्तावेज, ऋण पुस्तिका, फसल बीमा इत्यादि कार्यों में परेशानी हो रही थी, उन्हें अब बड़ी राहत मिली है। सामान्य जनता और किसान वर्ग ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।
🗨️ क्या बोले संघ के पदाधिकारी?
संघ के अध्यक्ष ने कहा, “हमने कभी भी आम जनता को परेशान करने के लिए आंदोलन नहीं किया। हम सिर्फ अपने अधिकार और सम्मान की मांग कर रहे थे। सरकार की सकारात्मक पहल से हमें संतोष है।”
🧐 आंदोलन फिर शुरू हो सकता है?
हालांकि फिलहाल हड़ताल स्थगित की गई है, लेकिन संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने तय समयसीमा में वादों को पूरा नहीं किया, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जा सकता है।
📊 सरकार की अग्निपरीक्षा
अब बारी राज्य सरकार की है कि वह अपने वादों को कितनी जल्दी और प्रभावी रूप से लागू कर पाती है। यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो यह आंदोलन दोबारा उठ सकता है और इससे राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता पर फिर असर पड़ेगा।


अपनी प्रतिक्रिया दें Cancel reply