राज्य के धान केंद्रों में ठेका कर्मचारियों ने PF भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की, कामकाज ठप, प्रशासन और किसान चिंतित।
राजिम। गरियाबंदराज्य के कई धान संग्रहण केंद्रों पर कामकाज ठप हो गया है। ठेका कर्मचारियों ने अपने वेतन और पीएफ (Provident Fund) भुगतान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्षों से उनका PF और अन्य भत्ते समय पर नहीं दिए जा रहे हैं।
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घटना के अनुसार, मंगलवार से कर्मचारियों ने धान केंद्रों में काम करना बंद कर दिया। इससे किसानों के धान का समय पर संग्रहण प्रभावित हो रहा है। किसानों और स्थानीय प्रशासन ने भी कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की है।
ठेका कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मेहनताना और PF की राशि की मांग कर रहे हैं, लेकिन ठेका प्रबंधन ने उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
पुलिस और जिला प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की। अधिकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
धान केंद्र पर कामकाज ठप होने से किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों ने बताया कि उनका धान अभी केंद्र पर जमा करना था, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। किसान संघ ने सरकार से अपील की है कि कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा कराएं ताकि किसानों का नुकसान न हो।
ठेका कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे और केंद्रों पर कामकाज पूरी तरह से बाधित हो सकता है। वहीं प्रशासन ने कहा है कि वे कर्मचारियों की मांगों का निष्पक्ष तरीके से परीक्षण करेंगे और जल्द समाधान निकाले जाने की संभावना है।
स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने कहा कि धान केंद्रों में कामकाज जल्द बहाल किया जाएगा और कर्मचारियों के PF भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन और कर्मचारी संघ के बीच वार्ता के बाद ही समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
इस बीच, राज्य के धान संग्रहण केंद्रों में किसानों और कर्मचारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। सभी की नजरें प्रशासन के कदमों पर टिकी हुई हैं।
