रविवार, 13 सितंबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

चाइनीज मांझा बेचने वाले दुकानदारों पर सख्ती

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 12 January 2026

रायपुर में चाइनीज मांझा बेचने वालों पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, दुकानों से मांझा जब्त, कई दुकानदारों पर जुर्माना और कड़ी चेतावनी।

रायपुर। राजधानी रायपुर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम, पुलिस और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर चाइनीज मांझा बेचने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की। इस दौरान कई दुकानों से प्रतिबंधित मांझा जब्त किया गया और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया।

प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि चाइनीज मांझा खुलेआम बेचा जा रहा है, जिससे न केवल पतंगबाजों बल्कि राहगीरों, वाहन चालकों और पक्षियों को भी गंभीर चोटें लग रही हैं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह अभियान चलाया गया।

क्यों है चाइनीज मांझा खतरनाक?

चाइनीज मांझा नायलॉन और केमिकल से बना होता है, जो बेहद मजबूत और धारदार होता है। इससे गले, हाथ और चेहरे पर गंभीर कट लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई मामलों में पक्षियों की जान भी जा चुकी है। यही वजह है कि राज्य सरकार और प्रशासन ने इसके निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है।

जुर्माने के साथ चेतावनी

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में यदि चाइनीज मांझा बेचते पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुछ मामलों में संबंधित दुकानों को अस्थायी रूप से सील करने की भी चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल त्योहारी सीजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा।

आम नागरिकों से अपील

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे चाइनीज मांझा न खरीदें और न ही इसका उपयोग करें। यदि कहीं भी इसकी बिक्री होती दिखे तो तुरंत नगर निगम या पुलिस को सूचना दें। सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सूती मांझे का ही उपयोग करें।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सख्ती का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूली नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि रायपुर को सुरक्षित बनाया जा सके।

संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version