रायपुर में आबकारी मंत्री देवांगन ने अवैध शराब बिक्री और परिवहन पर सख्ती के निर्देश दिए। समाज व प्रशासन की संयुक्त मुहिम से नशामुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य।
रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा देवांगन (फिक्शनल नाम आपके इनपुट के अनुसार) ने मदिरा के अवैध विक्रय और परिवहन पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध शराब का कारोबार न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह समाज की शांति, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है।
बैठक के दौरान मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में शराब की तस्करी और अवैध बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए विशेष निगरानी दल गठित करने, संवेदनशील क्षेत्रों पर चौकसी बढ़ाने और खुफिया तंत्र को और सक्रिय करने की आवश्यकता है।
अवैध कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई का आदेश
मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध शराब बेचने या ढोने वाले लोगों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मदिरा माफियाओं और तस्करों को संरक्षण देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इसके लिए थाना और आबकारी अमले को संयुक्त अभियान चलाने को कहा गया।
जनजागरूकता अभियान भी जरूरी
उन्होंने कहा कि केवल कानून से नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करके ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर तक युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव बताए जाएंगे।
तकनीक से होगी निगरानी
मंत्री ने यह भी बताया कि अब मदिरा नियंत्रण अभियान को तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। ट्रैकिंग सिस्टम, सीसीटीवी और मोबाइल एप के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा, ताकि आम लोग सीधे सूचना दे सकें।
पुलिस और आबकारी विभाग का संयुक्त दायित्व
श्री देवांगन ने स्पष्ट किया कि पुलिस और आबकारी विभाग दोनों को मिलकर काम करना होगा। सीमावर्ती इलाकों और हाईवे पर विशेष चेकपोस्ट बनाए जाएंगे। अन्य राज्यों से तस्करी कर लाई जाने वाली शराब को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सामाजिक संगठनों से सहयोग का आह्वान
उन्होंने कहा कि समाज में नशामुक्ति की दिशा में काम करने वाले सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी इस मुहिम से जोड़ा जाएगा। उनका मानना है कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर काम करें, तो अवैध शराब कारोबारियों को रोकना संभव हो सकता है।
युवाओं के भविष्य की चिंता
मंत्री ने चिंता जाहिर की कि आज नशे की चपेट में सबसे ज्यादा युवा आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ियां बर्बादी की ओर जा सकती हैं। इसलिए शासन की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि युवाओं को सही दिशा दी जाए।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी
मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि किसी इलाके में अवैध शराब की बिक्री पाई जाती है, तो वहां के संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। लापरवाह अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ को अवैध शराब से मुक्त राज्य बनाया जाए। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास जारी हैं। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे इस लड़ाई में प्रशासन का साथ दें और समाज को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
