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रायपुर कारखानों में श्रमिक स्वास्थ्य जाँच में कड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 1 September 2025

छत्तीसगढ़ सरकार ने कारखानों में श्रमिक स्वास्थ्य जाँच में मनमानी रोकने के निर्देश दिए, श्रम मंत्री देवांगन ने सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी।

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने कारखानों में श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। श्रम मंत्री श्री देवांगन ने हाल ही में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी कारखाने में नियमित स्वास्थ्य जाँच के दौरान मनमानी, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में काम कर सकें।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि श्रमिक किसी भी औद्योगिक कार्यस्थल की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देना न केवल सामाजिक जिम्मेदारी है, बल्कि उद्योग की उत्पादकता और विकास के लिए भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अब हर कारखाने में नियमित स्वास्थ्य जाँच सुनिश्चित करना होगा और इसके लिए संबंधित प्रबंधन को स्वयं जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

श्री देवांगन ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में श्रमिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर विशेष निरीक्षण दल गठित किए हैं। ये दल प्रत्येक जिले में जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कारखानों में स्वास्थ्य जाँच की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार हो। निरीक्षण के दौरान यदि कोई लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने बताया कि नियमित स्वास्थ्य जाँच में श्रमिकों की सामान्य और विशेष स्वास्थ्य जांच शामिल होगी। इसमें शारीरिक फिटनेस, रूटीन ब्लड टेस्ट, दृष्टि और श्रवण क्षमता की जाँच, हृदय और फेफड़ों की जांच जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। इसके अलावा, यदि किसी श्रमिक को कार्य के दौरान स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या महसूस होती है, तो उसे तुरंत इलाज और आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

श्रम मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि स्वास्थ्य जाँच के दौरान किसी भी प्रकार का दबाव, भेदभाव या मनमानी नहीं होनी चाहिए। सभी श्रमिकों को समान रूप से स्वास्थ्य सेवाएँ मिलनी चाहिए। इसके लिए कारखानों में हेल्थ यूनिट या क्लिनिक का संचालन अनिवार्य होगा। मंत्री ने कहा कि सरकार आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी, लेकिन जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी कि ये सुविधाएँ ठीक से कार्य करें।

मंत्री श्री देवांगन ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने श्रमिक स्वास्थ्य जाँच के लिए डिजिटल रिकॉर्डिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रत्येक श्रमिक की स्वास्थ्य जाँच की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज होगी और समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। इस प्रणाली से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी रिकॉर्ड छुपाया या गलत प्रस्तुत न किया जा सके।

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसके साथ ही श्रमिकों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि यदि श्रमिक स्वस्थ रहेंगे तो वे बेहतर उत्पादकता दे सकेंगे और उद्योग की उन्नति में योगदान देंगे।

मंत्री ने कारखानों के प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने स्वास्थ्य जाँच में लापरवाही बरती तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस नवीनीकरण में रुकावट और गंभीर मामलों में कानूनी कार्यवाही शामिल हो सकती है। इसके अलावा, मंत्री ने यह भी कहा कि श्रमिकों को इस प्रक्रिया में सहयोग और जागरूकता के लिए प्रशिक्षण और अभियान चलाए जाएंगे।

श्री देवांगन ने यह सुनिश्चित किया कि राज्य सरकार श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। इसके लिए वे लगातार विभागीय अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे और नीतियों का मूल्यांकन करेंगे।

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