गुरुवार, 17 सितंबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

आबकारी विभाग टीम पर पथराव, अधिकारी बाल-बाल बचे

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 14 August 2025

छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग की टीम पर अवैध शराब की छापेमारी के दौरान पथराव, अधिकारी बाल-बाल बचे, वाहन क्षतिग्रस्त, पुलिस ने जांच शुरू की।

छत्तीसगढ़ के एक जिले में आबकारी विभाग की टीम पर उस समय हमला हो गया, जब वह अवैध शराब की जांच और कार्रवाई के लिए गांव में पहुंची। कार्रवाई के दौरान अज्ञात हमलावरों ने टीम पर अचानक पथराव कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, टीम के अधिकारी और कर्मचारी बाल-बाल बच गए, लेकिन विभागीय वाहन को नुकसान पहुंचा।

Read it loud

घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि गांव के एक हिस्से में अवैध शराब का निर्माण और बिक्री हो रही है। इसी सूचना के आधार पर टीम मौके पर पहुंची। जैसे ही टीम ने छापेमारी शुरू की, कुछ लोगों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया।
हमले के कारण टीम के सदस्यों को अस्थायी रूप से कार्रवाई रोकनी पड़ी और उन्होंने सुरक्षित स्थान पर जाकर स्थिति को संभाला।

वाहन और उपकरण को नुकसान

पथराव के दौरान आबकारी विभाग का आधिकारिक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन के शीशे टूट गए और अन्य उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा। अधिकारी और कर्मचारी किसी तरह हमलावरों से बचकर निकले।

पुलिस को सूचना और जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही नजदीकी पुलिस थाने से दल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि हमले में शामिल लोग अवैध शराब कारोबार से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस ने कहा है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा

आबकारी विभाग लंबे समय से इस इलाके में अवैध शराब के कारोबार को खत्म करने के लिए अभियान चला रहा है। अधिकारी मानते हैं कि पथराव जैसी घटनाएं अवैध कारोबारियों द्वारा अपनी गतिविधियों को बचाने के लिए की जाती हैं।
विभाग ने साफ किया है कि ऐसे हमलों से उनकी कार्रवाई रुकने वाली नहीं है और अभियान पहले की तरह जारी रहेगा।

अधिकारियों का बयान

आबकारी अधिकारी ने कहा कि उनकी टीम पूरी तरह सुरक्षित है और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि हमले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

कुछ स्थानीय लोगों ने इस घटना की निंदा की है और कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, कुछ ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को कार्रवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस की उपस्थिति में ही छापेमारी करनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

भविष्य की रणनीति

घटना के बाद आबकारी विभाग ने अपनी रणनीति में बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब ऐसे संवेदनशील इलाकों में छापेमारी के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, टीम को सुरक्षा उपकरण और अतिरिक्त वाहनों की सुविधा देने पर भी विचार किया जा रहा है।

निष्कर्ष

यह घटना अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान आने वाली चुनौतियों को उजागर करती है। हालांकि, अधिकारी और कर्मचारी बाल-बाल बच गए, लेकिन यह साफ है कि ऐसे हमलों से निपटने के लिए सुरक्षा इंतज़ाम और मजबूत करने होंगे।



संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *