नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज का संयुक्त मुख्यालय शिलान्यास, मुख्यमंत्री साय और विधायक अनुज शर्मा शामिल, ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की प्रगति का प्रतीक।
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास आज संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधिवत पूजा-अर्चना की और भवन का थ्री-डी मॉडल अनावरण किया। कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
शिलान्यास कार्यक्रम और अवसर
यह कार्यक्रम रजत जयंती वर्ष और गणेश चतुर्थी जैसे पावन अवसर पर सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊँचाई देने और तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय मजबूत करने का माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने “पेड़ माँ के नाम अभियान” के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय ऊर्जा यात्रा यह दर्शाती है कि संकल्प और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर परिणाम ऐतिहासिक होते हैं।
प्रदेश की ऊर्जा उपलब्धियाँ
वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ केवल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन करता था, जबकि आज यह क्षमता बढ़कर 30,000 मेगावाट तक पहुंच गई है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1320 मेगावाट क्षमता वाले नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह प्रगति नागरिकों के विश्वास, मेहनत और भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने अपनी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य अब वैश्विक स्तर की अधोसंरचना और कार्यसंस्कृति की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
संयुक्त मुख्यालय की विशेषताएँ और महत्व
संयुक्त मुख्यालय भवन तीनों पावर कंपनियों – छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जेनरेशन कंपनी, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी और छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी – के समन्वय को मजबूत करेगा। भवन के निर्माण का उद्देश्य उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे सभी ऊर्जा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि यह भवन केवल एक प्रशासनिक केंद्र नहीं होगा, बल्कि सौर ऊर्जा उत्पादन और संरक्षण की दिशा में भी नए युग की शुरुआत करेगा। इससे हर घर तक उजाला और हर उद्योग तक ऊर्जा पहुँचेगी।
प्रदेश का ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सरप्लस स्टेट होना
छत्तीसगढ़ अब ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि सरप्लस राज्य बन चुका है, जो अन्य राज्यों की बिजली आवश्यकताओं को भी पूरा करता है। इसका मुख्य आधार राज्य के समृद्ध कोयला भंडार और आधुनिक ऊर्जा संयंत्र हैं।
भवन निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन का निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उनका कहना था कि यह भवन छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र में नई पहचान बनेगा।
उपस्थित अधिकारी और कार्यक्रम की भव्यता
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ मंत्री केदार कश्यप, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
भविष्य की दिशा और ऊर्जा क्षेत्र में विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की प्रगति की प्रतीक है। राज्य की ऊर्जा क्षमता में वृद्धि, सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय स्रोतों के उपयोग से राज्य को और अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संयुक्त मुख्यालय भवन से प्रशासनिक समन्वय और निर्णय क्षमता में सुधार होगा, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज का यह संयुक्त मुख्यालय ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की प्रगति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में यह भवन न केवल प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करेगा, बल्कि हर घर और उद्योग तक ऊर्जा पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
