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कमिश्नरी प्रणाली पर विशेष सेमिनार

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 3 February 2026

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में आयोजित सेमिनार में कमिश्नरी प्रणाली को मजबूत बनाने और पुलिसिंग में जनविश्वास, पारदर्शिता व संवेदनशील व्यवहार पर विशेष जोर दिया गया।

रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में कमिश्नरी प्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक प्रतिनिधियों तथा कानून व्यवस्था से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया और पुलिसिंग में जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

सेमिनार का मुख्य उद्देश्य यह था कि कमिश्नरी प्रणाली के अंतर्गत त्वरित निर्णय प्रक्रिया, जवाबदेही, आधुनिक तकनीक के उपयोग और आम नागरिकों से बेहतर संवाद के माध्यम से पुलिस सेवाओं को अधिक प्रभावशाली बनाया जाए। वक्ताओं ने कहा कि कमिश्नरी प्रणाली तभी सफल मानी जाएगी, जब आम नागरिक खुद को सुरक्षित और सुना हुआ महसूस करेगा।

कार्यक्रम में बताया गया कि रायपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। ऐसे में पुलिस को केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित न रहकर, सामाजिक सहभागिता और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करना होगा। जनसुनवाई, बीट सिस्टम, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को कमिश्नरी मॉडल के अहम स्तंभ बताया गया।

सेमिनार में इस बात पर भी चर्चा हुई कि थानों में आने वाले फरियादियों से संवेदनशील व्यवहार, शिकायतों का समयबद्ध निराकरण और पीड़ितों को त्वरित सहायता जनविश्वास को मजबूत करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस की छवि केवल कार्रवाई से नहीं, बल्कि व्यवहार और संवाद से भी बनती है।

विशेष सत्र में यह बताया गया कि कमिश्नरी प्रणाली के तहत पुलिस आयुक्त को प्रशासनिक और परिचालन स्तर पर अधिक अधिकार प्राप्त होते हैं, जिससे कानून व्यवस्था से जुड़े निर्णय तेजी से लिए जा सकते हैं। इससे अपराधों पर त्वरित नियंत्रण और बेहतर समन्वय संभव होता है।

सेमिनार में तकनीकी नवाचारों पर भी जोर दिया गया। सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल शिकायत प्रणाली, सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना साझा करना और साइबर मॉनिटरिंग जैसे उपायों को जनसुरक्षा के लिए उपयोगी बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण का संतुलन बेहद जरूरी है।

पुलिस अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब पुलिस स्थानीय समुदाय, कॉलोनी समितियों, व्यापारिक संगठनों और युवाओं के साथ मिलकर कार्य करती है, तो अपराध रोकथाम में बेहतर परिणाम सामने आते हैं। इसी दिशा में रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रमों और संवाद मंचों को और बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।

कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों से अपील की गई कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाएं, नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें और कमिश्नरी प्रणाली के उद्देश्यों को जमीनी स्तर पर उतारें।

सेमिनार में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि मजबूत कानून व्यवस्था तभी संभव है, जब पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता कायम हो।

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