शराब घोटालों के बाद बड़ा फैसला। नासिक में छप रहे 7 लेयर सिक्योरिटी वाले होलोग्राम, नोट जैसी सुरक्षा से नकली शराब पर लगेगी लगाम।
रायपुर। शराब घोटालों के बाद राज्य सरकार और आबकारी विभाग ने बड़ी सख्ती दिखाते हुए शराब की बोतलों पर नोट जैसी सुरक्षा प्रणाली लागू करने की तैयारी कर ली है। अब शराब पर ऐसे अनोखे होलोग्राम लगाए जाएंगे, जिन्हें नासिक में छापा जा रहा है। इन होलोग्रामों में 7 लेयर की हाई सिक्योरिटी होगी, जिससे डुप्लीकेट बनाना लगभग असंभव माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सामने आए शराब घोटालों, फर्जी होलोग्राम और अवैध सप्लाई ने शासन को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया है। नई व्यवस्था के तहत शराब की हर बोतल पर ऐसा होलोग्राम चिपकाया जाएगा, जिसकी पहचान आम उपभोक्ता से लेकर विभागीय अधिकारी तक आसानी से कर सकेंगे।
7 लेयर की अत्याधुनिक सुरक्षा
नए होलोग्राम में माइक्रो टेक्स्ट, यूवी इंक, क्यूआर कोड, सीरियल नंबर, रंग बदलने वाली स्याही और विशेष डिजाइन शामिल होंगे। यह तकनीक वही है, जो करेंसी नोट और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों में इस्तेमाल की जाती है। आबकारी अधिकारियों का कहना है कि इन होलोग्रामों की नकल करना बेहद कठिन है और यदि कोई प्रयास करेगा तो तुरंत पकड़ में आ जाएगा।
नासिक प्रेस में छपाई
इन विशेष होलोग्रामों की छपाई नासिक स्थित हाई-सिक्योरिटी प्रेस में की जा रही है, जहां पहले से ही करेंसी नोट और अन्य संवेदनशील सामग्री छापी जाती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि होलोग्राम बाहर लीक न हों और किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न बचे।
घोटालों पर लगेगी लगाम
सरकार का मानना है कि इस कदम से शराब की अवैध बिक्री, टैक्स चोरी और नकली शराब के नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही, राजस्व में बढ़ोतरी होगी और उपभोक्ताओं को भी असली और सुरक्षित उत्पाद मिलेगा।
आम लोगों को भी मिलेगा फायदा
नई व्यवस्था में क्यूआर कोड स्कैन कर आम उपभोक्ता भी शराब की बोतल की प्रामाणिकता जांच सकेंगे। इससे नकली शराब के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और हादसों पर भी रोक लगेगी।
आबकारी विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह प्रणाली जल्द ही पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।


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