जांजगीर-चांपा में सड़क किनारे खड़े ट्रक से स्कूटी टकराई, दो युवकों की मौत, परिजनों में कोहराम, पुलिस ने ट्रक चालक पर दर्ज किया मामला।
जांजगीर-चांपा । जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया। जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात जांजगीर-चांपा मार्ग पर एक तेज रफ्तार स्कूटी सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। इस हादसे में स्कूटी सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और मृतकों के घरों में कोहराम मच गया।
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हादसे की जानकारी
पुलिस ने बताया कि यह घटना जांजगीर-चांपा के अकलतरा थाना क्षेत्र में हुई। मृतक युवक स्थानीय निवासी थे और देर शाम अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में सड़क किनारे खराब खड़े ट्रक को स्कूटी चालक नहीं देख पाया और तेज रफ्तार में स्कूटी सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
मृतकों की पहचान
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान रोहित वर्मा (23) और सुमित यादव (22) के रूप में हुई है। दोनों करीबी दोस्त बताए जा रहे हैं और एक ही मोहल्ले में रहते थे।
परिजनों में कोहराम
हादसे की खबर मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों का कहना है कि दोनों युवक मेहनती और होनहार थे। उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मोहल्ले के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवारों को सांत्वना दे रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर कहीं चला गया था और उसने ट्रक के पीछे चेतावनी संकेतक या रिफ्लेक्टर भी नहीं लगाया था। यह लापरवाही ही हादसे का कारण बनी।
स्थानीय लोगों की नाराज़गी
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताया और कहा कि सड़कों पर इस तरह ट्रकों को खड़ा करना खतरनाक साबित हो रहा है। आए दिन इस तरह के हादसे होते हैं, लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने में नाकाम रहता है। लोगों ने मांग की है कि सड़क पर खड़े भारी वाहनों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रशासन और पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और तेज रफ्तार से बचें। वहीं, ट्रक और अन्य भारी वाहनों के चालकों को निर्देश दिया गया है कि यदि किसी तकनीकी खराबी की वजह से वाहन को सड़क किनारे खड़ा करना पड़े, तो चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर जरूर लगाएं।
निष्कर्ष
यह सड़क हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि सड़क पर लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। दो मासूम युवकों की जिंदगी सिर्फ एक पल की असावधानी से खत्म हो गई। अब देखना होगा कि प्रशासन इस हादसे से सबक लेकर क्या कदम उठाता है।


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