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अनुसूचित जाति विकास कार्य जल्द होंगे अब पूरे

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 8 August 2025

अनुसूचित जाति विकास कार्यों की देरी पर सीएम सख्त, कलेक्टरों को अधूरे कार्य जल्द पूरे करने और प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन कई योजनाएं अभी तक अधूरी हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में इस पर गहरी नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति से संबंधित लंबित योजनाएं जल्द पूरी की जाएं। उन्होंने जिलों के कलेक्टरों को सीधे जिम्मेदारी सौंपी है कि वे अपने जिले में चल रहे अधूरे विकास कार्यों को तय समय सीमा में पूर्ण कराएं।

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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं में देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन योजनाओं की स्वीकृति और बजट पहले ही जारी हो चुका है, उन पर काम की गति धीमी रहना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य को आगे बढ़ाने और हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

अधूरी योजनाओं पर सीएम ने जताई चिंता

समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि कई जिलों में अनुसूचित जाति के लिए स्वीकृत भवन निर्माण, छात्रावास, शौचालय, पेयजल व्यवस्था और प्रशिक्षण केंद्र जैसे कार्य वर्षों से अधूरे हैं। कुछ जगहों पर निर्माण तो शुरू हुआ, लेकिन फिर तकनीकी कारणों, बजट की अनुपलब्धता या प्रशासनिक लापरवाही के चलते रुक गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि यदि आगामी रिपोर्ट में भी प्रगति नहीं दिखी तो दोषियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं के ज़रिए समाज के सबसे वंचित वर्ग को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई अस्वीकार्य है।

कलेक्टरों को सौंपा गया ज़िम्मा

राज्य सरकार ने अब प्रत्येक जिले के डीएम को जिम्मेदारी दी है कि वे अधूरी योजनाओं की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करें और तय समयसीमा में कार्य पूर्ण कराएं। इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और पारदर्शिता बनाए रखी जाए।

राज्य स्तर पर बनेगी मॉनिटरिंग कमेटी

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य स्तर पर एक उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाए, जो जिला स्तर से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर योजनाओं की निगरानी करेगी। यह समिति प्रत्येक महीने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी और जहां अड़चनें हैं, वहां समाधान सुझाएगी।

जमीन पर दिखे योजनाओं का असर

सीएम ने स्पष्ट किया कि शासन केवल फाइलों पर कार्य नहीं देखना चाहता, बल्कि योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ सही समय पर और सही पात्र व्यक्तियों को मिलना अनिवार्य है।

अधिकारियों को चेतावनी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यदि किसी जिले में योजनाएं लंबित रहती हैं और उनकी कोई उचित वजह नहीं होती है, तो उस जिले के अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि आगे से किसी परियोजना में लापरवाही दिखती है तो उस पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।

प्राथमिकता वाले कार्य

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए छात्रावास, शिक्षा से जुड़े भवन, स्किल डेवलेपमेंट सेंटर, पेयजल सुविधा, सामुदायिक भवन और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अनुसूचित जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाने वाले सभी कार्य तय समय पर पूरे हों ताकि समाज के इस वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

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