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संत समुदाय ने स्वामी अभिरामदास पर लगाया गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 23 August 2025

संत समुदाय ने स्वामी अभिरामदास पर ट्रस्ट से चंदा वसूली का आरोप लगाया। कलेक्टर और एसपी से पंजीयन रद्द करने व यूट्यूब चैनल बंद करने की मांग की।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में संत समुदाय ने स्वामी अभिरामदास के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। आरोपों के अनुसार, स्वामी अभिरामदास अपने ट्रस्ट के माध्यम से चंदा वसूली कर रहे हैं। संतों ने उनकी गतिविधियों को अनुचित और समाज विरोधी बताते हुए उनके ट्रस्ट का पंजीयन रद्द करने और यूट्यूब चैनल पर रोक लगाने की मांग की है।

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चंदा वसूली और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप

शिकायत पत्र में कहा गया कि स्वामी अभिरामदास ट्रस्ट के नाम पर चंदा वसूली कर रहे हैं और इस धन का उपयोग धार्मिक कार्यों के बजाय व्यक्तिगत हितों के लिए किया जा रहा है। संत समुदाय का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था का दुरुपयोग करके धन एकत्रित करना न केवल धार्मिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि कानूनन भी गलत है।

यूट्यूब चैनल पर रोक की मांग

संत समुदाय ने स्वामी अभिरामदास द्वारा संचालित यूट्यूब चैनल पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चैनल पर प्रसारित किए जा रहे प्रवचन और सामग्री लोगों को गुमराह करने वाली है। इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है। संतों का आरोप है कि इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से भी अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है।

ट्रस्ट का पंजीयन रद्द करने की अपील

कलेक्टर और एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से यह मांग की गई कि स्वामी अभिरामदास के ट्रस्ट की पंजीकरण रद्द किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। संतों ने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह समाज में गलत परंपरा स्थापित कर सकती है और श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचा सकती है।

संत समाज की चेतावनी

संत समुदाय ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था और परंपरा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने दिया आश्वासन

शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर और एसपी ने संत समुदाय को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा कि आरोपों की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सामाजिक और धार्मिक प्रभाव

इस मामले ने स्थानीय स्तर पर धार्मिक हलचल पैदा कर दी है। एक ओर संत समुदाय इसे धर्म की रक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं में भ्रम और असमंजस की स्थिति बन गई है।

स्वामी अभिरामदास पर लगे इन आरोपों और शिकायत के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह मामला छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सामाजिक माहौल को गहराई से प्रभावित कर सकता है।


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