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रीता शांडिल्य बनीं CGPSC की पहली महिला अध्यक्ष

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 30 August 2025

रीता शांडिल्य बनीं CGPSC की पहली महिला अध्यक्ष, प्रशासनिक सुधार और महिला नेतृत्व को बढ़ावा, राज्य में सरकारी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार की उम्मीद।

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए रीता शांडिल्य को अपनी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति राज्य प्रशासन में महिलाओं के योगदान और नेतृत्व को मान्यता देने का प्रतीक है। पहली बार किसी महिला को CGPSC की कमान मिलने से न केवल महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा, बल्कि राज्य प्रशासन में नए दृष्टिकोण और नीतियों के क्रियान्वयन में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

रीता शांडिल्य की पृष्ठभूमि

रीता शांडिल्य ने प्रशासनिक सेवा में लंबा अनुभव प्राप्त किया है। उन्होंने राज्य के विभिन्न विभागों में अपने कार्यकाल के दौरान न केवल शासन की नीतियों को लागू किया बल्कि कई सुधारात्मक पहल भी शुरू कीं। उनकी विशेषज्ञता सार्वजनिक प्रशासन, मानव संसाधन प्रबंधन और नीतिगत योजना में मानी जाती है।

CGPSC में महिलाओं की भागीदारी

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग राज्य की प्रमुख भर्ती और प्रशासनिक नीतियों का संचालन करता है। अब तक CGPSC की अध्यक्ष पद पर हमेशा पुरुष ही आसीन रहे हैं। रीता शांडिल्य के अध्यक्ष बनने से आयोग में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को एक नया प्रोत्साहन मिलेगा।

अधिकारियों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

राज्य प्रशासनिक अधिकारी और विशेषज्ञ इस निर्णय की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे अन्य संस्थाओं में भी महिलाओं की नियुक्ति के लिए मार्ग प्रशस्त होगा।

भविष्य की योजनाएं

रीता शांडिल्य ने नियुक्ति के बाद कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य CGPSC की प्रक्रियाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। साथ ही, वे युवा उम्मीदवारों, विशेषकर महिलाओं के लिए चयन प्रक्रिया में सहजता और समान अवसर सुनिश्चित करेंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि आयोग का काम केवल भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक सुधारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य की शासन प्रणाली को और मजबूत बनाना भी उनका लक्ष्य है।

महिला सशक्तिकरण का संदेश

इस नियुक्ति से यह स्पष्ट होता है कि अब राज्य प्रशासनिक संस्थाओं में महिला नेतृत्व को सम्मान और अवसर दिया जा रहा है। यह न केवल नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव लाने में भी सहायक होगा।

निष्कर्ष

रीता शांडिल्य की अध्यक्षता CGPSC के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है बल्कि प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शिता की दिशा में भी एक नई शुरुआत का संकेत देता है।


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