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मजदूर की मौत पर क्रांति सेना ने घेरा थाना

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 8 August 2025

छत्तीसगढ़ में मजदूर की संदिग्ध मौत के विरोध में क्रांति सेना ने थाने का घेराव कर आरोपियों और कंपनी प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की।


घटना का विवरण

रायपुर जिले के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले एक मजदूर की मौत के बाद मामला गरमा गया है। मृतक के परिजनों और सामाजिक संगठनों ने इसे दुर्घटना नहीं बल्कि लापरवाही का परिणाम बताया है। इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने मोर्चा खोल दिया है।

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बताया जा रहा है कि मजदूर की मौत किसी मशीन के अचानक फेल हो जाने से हुई, लेकिन घटनास्थल पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी सामने आई है। मृतक पिछले कई वर्षों से इस कंपनी में कार्यरत था।


क्रांति सेना का प्रदर्शन

मजदूर की मौत की खबर फैलते ही क्रांति सेना के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में संबंधित थाने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ थाना परिसर का घेराव किया, बल्कि मृतक के लिए न्याय की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ।

उन्होंने थाने में मौजूद पुलिस अधिकारियों से कंपनी मालिकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।


क्या बोले संगठन के नेता

क्रांति सेना के जिला संयोजक ने कहा –

“हम मजदूरों के जीवन से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। मृतक के परिवार को न्याय दिलाने के लिए हम सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेंगे। अगर 48 घंटे में दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।”


पुलिस का पक्ष

थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया कि रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।


कंपनी प्रबंधन का जवाब

कंपनी के एचआर अधिकारी ने बयान में कहा कि यह एक दुखद घटना है और वे पूरी तरह जांच में सहयोग कर रहे हैं। कंपनी की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया गया है।


मजदूरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह घटना राज्य में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। औद्योगिक क्षेत्रों में मशीनों की स्थिति, श्रमिकों की ट्रेनिंग, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता – इन सभी पर पुनः विचार करने की आवश्यकता है।


निष्कर्ष में

मजदूर की मौत ने राज्य में श्रमिक सुरक्षा, प्रशासनिक सक्रियता और सामाजिक संगठनों की भूमिका को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। यदि समय रहते दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है।

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