राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि तहसीलदार जल्द काम पर लौटेंगे, मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई, समाधान की उम्मीद जताई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से चले आ रहे तहसीलदारों की हड़ताल को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा है कि तहसीलदारों की मांगों को लेकर सरकार गंभीर है और बातचीत के बाद सकारात्मक नतीजे की उम्मीद की जा रही है। मंत्री वर्मा ने यह भी भरोसा दिलाया कि बहुत जल्द सभी तहसीलदार काम पर लौट आएंगे।
विस्तार से हुई चर्चा
राजस्व मंत्री ने बताया कि तहसीलदार संघ के प्रतिनिधियों के साथ उनकी बैठक सकारात्मक रही। बातचीत के दौरान सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिनमें वेतनमान, पदोन्नति, कार्यप्रणाली में सुधार, और प्रशासनिक स्वायत्तता जैसे विषय शामिल थे। उन्होंने कहा कि कुछ मांगें तात्कालिक रूप से पूरी की जा सकती हैं, जबकि कुछ मामलों पर निर्णय लेने के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी।
आमजन को हो रही परेशानी
तहसीलदारों की हड़ताल के कारण आम लोगों को दस्तावेज़ों की प्रमाणिकता, जमीन संबंधी नामांतरण, नक़्शा, खसरा-खतौनी और अन्य राजस्व सेवाओं में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जिलों में किसानों के काम अटके हुए हैं। मंत्री वर्मा ने माना कि यह स्थिति सरकार के लिए चिंता का विषय है और जल्द से जल्द समाधान आवश्यक है।
जल्द मिल सकता है समाधान
मंत्री वर्मा ने उम्मीद जताई कि बातचीत के सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों के साथ है, लेकिन सेवाएं बाधित करना उचित नहीं है। हमें विश्वास है कि आने वाले दिनों में तहसीलदार फिर से कार्यभार संभालेंगे।”
विपक्ष का हमला
इस बीच विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। तहसीलदारों की समस्याएं पुरानी हैं लेकिन उन्हें अब तक अनदेखा किया गया। पूर्व मंत्रियों और विधायकों ने मांग की कि सरकार अविलंब सभी मांगों को मानकर सेवा बहाल कराए।
तहसीलदार संघ का रुख
तहसीलदार संघ के प्रतिनिधियों ने भी पुष्टि की है कि सरकार के साथ बातचीत सकारात्मक रही है। उन्होंने कहा कि अगर शासन से लिखित आश्वासन मिलता है तो आंदोलन को वापस लिया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक सभी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं आता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
क्या हैं मुख्य मांगे?
- वेतन विसंगति का समाधान
- पदोन्नति में पारदर्शिता
- सेवाकालीन सुविधाएं
- प्रशासनिक कार्यों में सम्मानजनक व्यवहार
- काम का निश्चित दायरा और सुरक्षा
निष्कर्ष
सरकार और तहसीलदारों के बीच जारी यह गतिरोध अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। मंत्री टंक राम वर्मा का बयान इस दिशा में सकारात्मक संकेत देता है। यदि बातचीत का क्रम इसी तरह बना रहा, तो जल्द ही तहसील कार्यालयों में फिर से कामकाज सुचारु रूप से शुरू हो सकता है।
