छत्तीसगढ़ सरकार ने गणतंत्र दिवस परेड स्थल बदलकर नवा रायपुर के एकात्म पथ पर आयोजन का निर्णय लिया, राजपथ जैसी भव्यता और सुविधाएं होंगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय पर्व के आयोजन स्थल को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि आगामी वर्ष से गणतंत्र दिवस की परेड राजधानी रायपुर के बजाय नवा रायपुर के एकात्म पथ पर आयोजित की जाएगी। यह कदम दिल्ली के राजपथ (अब कर्तव्य पथ) की तर्ज पर उठाया गया है, जिससे राज्य में राष्ट्रीय पर्व के आयोजन को नए स्वरूप और भव्यता के साथ प्रस्तुत किया जा सके।
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मुख्यमंत्री ने इस परिवर्तन को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि नवा रायपुर का एकात्म पथ आधुनिक सुविधाओं, पर्याप्त स्थान और दर्शकों के लिए बेहतर व्यवस्थाओं के कारण ऐसे आयोजन के लिए सबसे उपयुक्त है। उन्होंने बताया कि यहां अत्याधुनिक स्टेडियम जैसी दर्शक दीर्घाएं, सुरक्षा प्रबंध और सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए समुचित मंच तैयार किया जाएगा।
राजपथ जैसी भव्यता और सांस्कृतिक झलक
गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, कला, और लोकनृत्यों को शामिल किया जाएगा। विभिन्न जिलों की झांकियां, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां, बैंड प्रदर्शन, और स्कूली बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियां परेड का हिस्सा होंगी। इसके अलावा, राज्य के विकास कार्यों और योजनाओं को दर्शाने वाली झांकियां भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगी।
सुरक्षा और यातायात की विशेष योजना
नवा रायपुर में बड़े पैमाने पर होने वाले इस आयोजन के लिए पुलिस और प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। वीआईपी और आम नागरिकों के लिए अलग प्रवेश द्वार, पार्किंग व्यवस्था, और आपातकालीन सेवाओं की तैनाती की जाएगी।
आर्थिक और पर्यटन दृष्टिकोण से लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि नवा रायपुर में राष्ट्रीय पर्व के आयोजन से स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। होटल, रेस्टोरेंट और स्थानीय व्यवसायों को इसका सीधा लाभ होगा। साथ ही, यह शहर को अंतरराज्यीय और राष्ट्रीय स्तर पर एक नए पहचान दिलाने का अवसर प्रदान करेगा।
जनभावनाओं में उत्साह
इस फैसले के बाद सोशल मीडिया और आम जनमानस में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे सकारात्मक परिवर्तन मानते हुए नवा रायपुर की आधुनिक छवि को बढ़ावा देने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग पुराने स्थल से जुड़े भावनात्मक जुड़ाव का हवाला दे रहे हैं।
सरकार की अपील
राज्य सरकार ने सभी नागरिकों से इस नए बदलाव को स्वीकार करने और आयोजन में अधिक से अधिक भागीदारी करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा और एकता का प्रतीक होगा।
