मोहला में ढारनी एनीकट एवं रानाटोला नहर के जीर्णोद्धार से किसानों को सिंचाई सुविधा मिली, कृषि उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मोहला | मोहला क्षेत्र में किसानों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। ढारनी एनीकट एवं रानाटोला नहर के सफल जीर्णोद्धार कार्य से सिंचाई व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है, जिससे अब सैकड़ों किसानों की कृषि भूमि को नियमित और पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इस परियोजना से क्षेत्र में फसल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार लंबे समय से जर्जर स्थिति में पड़े ढारनी एनीकट और रानाटोला नहर के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था। बरसात के बाद भी बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बह जाता था। जीर्णोद्धार कार्य के बाद अब जल संग्रहण क्षमता में बढ़ोतरी हुई है और नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी सुचारू रूप से पहुंच रहा है।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
जीर्णोद्धार के बाद आसपास के कई ग्रामों के किसानों को रबी और खरीफ दोनों मौसम में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। पहले जहां किसान केवल वर्षा आधारित खेती पर निर्भर थे, अब वे सब्जी, दलहन, तिलहन और अन्य व्यावसायिक फसलों की ओर भी रुख कर सकेंगे।
किसानों ने बताया कि नहर की मरम्मत और एनीकट की मजबूती से अब जलस्तर स्थिर रहेगा और गर्मी के मौसम में भी खेतों तक पानी पहुंचना संभव होगा।
वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
ढारनी एनीकट और रानाटोला नहर के सुधार की मांग ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। नहर की टूट-फूट, रिसाव और गाद जमने के कारण सिंचाई व्यवस्था बाधित हो रही थी। अब गाद निकासी, नहर की लाइनिंग और एनीकट की संरचना को मजबूत कर पानी के बहाव को नियंत्रित किया गया है।
क्षेत्र में बढ़ेगी कृषि उत्पादकता
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना से क्षेत्र में खेती का रकबा बढ़ेगा और बहुफसली खेती को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल किसानों की आय में इजाफा होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
जल संरक्षण को भी मिला बढ़ावा
ढारनी एनीकट के जीर्णोद्धार से जल संरक्षण को भी मजबूती मिली है। बरसाती पानी का बेहतर संग्रहण होने से भू-जल स्तर में सुधार होने की संभावना जताई जा रही है। इससे आसपास के गांवों में पेयजल संकट को भी कुछ हद तक राहत मिल सकेगी।
शासन की प्राथमिकता में सिंचाई परियोजनाएं
अधिकारियों ने बताया कि सिंचाई संरचनाओं के सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगातार नई परियोजनाएं स्वीकृत की जा रही हैं। इसी क्रम में ढारनी एनीकट एवं रानाटोला नहर का जीर्णोद्धार कराया गया है।
किसानों में दिखा उत्साह
परियोजना पूरी होने के बाद किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अब उन्हें खेती के लिए निजी बोर या डीजल पंप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे लागत भी कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा।
आने वाले समय में अन्य नहरों का भी होगा सुधार
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्र की अन्य जर्जर नहरों और जल संरचनाओं का भी चरणबद्ध तरीके से सुधार कराया जाएगा, ताकि पूरे इलाके में सिंचाई नेटवर्क मजबूत किया जा सके।
ढारनी एनीकट एवं रानाटोला नहर के जीर्णोद्धार से मोहला क्षेत्र में कृषि को नई दिशा मिली है और यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
