सरगुजा ओलंपिक के जिला स्तरीय आयोजनों में 10,577 खिलाड़ियों ने भाग लिया, ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिला और चयनित खिलाड़ी राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
रायपुर। राजधानी रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित सरगुजा ओलंपिक के जिला स्तरीय आयोजनों में इस वर्ष रिकॉर्ड 10,577 खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस आयोजन में ग्रामीण और शहरी अंचलों के खिलाड़ियों ने बड़ी संख्या में पंजीयन कर विभिन्न खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजकों के अनुसार इस बार युवाओं, महिलाओं और स्कूली विद्यार्थियों की भागीदारी पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक रही।
गांव-गांव से निकले खिलाड़ी
जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक प्रतियोगिताओं में जिले के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों से भी बड़ी संख्या में खिलाड़ी पहुंचे। इससे यह स्पष्ट हुआ कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेलों को लेकर जागरूकता और रुचि तेजी से बढ़ रही है।
खिलाड़ियों ने कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, फुटबॉल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन और पारंपरिक खेलों में भाग लेकर अपने कौशल का प्रदर्शन किया।
युवाओं को मिल रहा मंच
अधिकारियों का कहना है कि सरगुजा ओलंपिक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं को एक समान मंच उपलब्ध कराना है, ताकि छिपी हुई खेल प्रतिभाएं सामने आ सकें।
इस आयोजन के माध्यम से चयनित खिलाड़ी आगे संभाग और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे, जिससे उन्हें बड़े मंच तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
महिलाओं और बालिकाओं की उल्लेखनीय भागीदारी
इस वर्ष आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में महिला और बालिका खिलाड़ियों की भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही। कई खेलों में बालिकाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर दर्शकों और प्रशिक्षकों का ध्यान आकर्षित किया।
खेल विभाग के अनुसार यह संकेत है कि खेलों में लैंगिक भागीदारी का अंतर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है।
पारंपरिक खेलों को भी मिला बढ़ावा
सरगुजा ओलंपिक के अंतर्गत आधुनिक खेलों के साथ-साथ पारंपरिक ग्रामीण खेलों को भी शामिल किया गया, जिससे स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े खेलों को नई पहचान मिल रही है।
ग्रामीण खिलाड़ियों ने गिल्ली-डंडा, रस्साकशी और अन्य लोक खेलों में उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
खिलाड़ियों में दिखा जबरदस्त उत्साह
प्रतियोगिता के दौरान मैदानों में खिलाड़ियों के साथ उनके परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। खेल मैदानों पर पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा। खिलाड़ियों ने अनुशासन और खेल भावना का परिचय देते हुए प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
कई प्रतिभागियों ने बताया कि पहली बार उन्हें इतने बड़े स्तर पर खेलने का अवसर मिला है।
जिला प्रशासन और खेल विभाग की भूमिका
जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतियोगिताओं के सफल संचालन के लिए खेल मैदान, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, सुरक्षा और रेफरी व्यवस्था की गई थी। प्रतियोगिता को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षित निर्णायकों की तैनाती की गई।
राज्य स्तर तक पहुंचेगी प्रतिभा
अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तर पर चयनित श्रेष्ठ खिलाड़ी आगामी संभाग स्तरीय और फिर राज्य स्तरीय सरगुजा ओलंपिक प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार किया जा सकेगा।
खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
10,577 खिलाड़ियों की सहभागिता यह दर्शाती है कि सरगुजा अंचल में खेलों के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का माध्यम बन रहा है, बल्कि प्रदेश में एक मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
