रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई का निधन, लंबे समय से बीमार थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने भावुक संदेश में कहा— “आपकी दी जिम्मेदारी निभा रहा हूं।”
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति को नई दिशा देने वाली और रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई का निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थीं और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर है, बल्कि आम जनता में भी गहरा दुख व्याप्त है। रजनी ताई को उनकी सादगी, संघर्षशील व्यक्तित्व और जनसेवा के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
Read it loud
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए भावुक संदेश साझा किया। पीएम मोदी ने कहा था कि “आपकी दी जिम्मेदारी का पालन कर रहा हूं।” यह वक्तव्य बताता है कि रजनी ताई का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर तक था और उनकी कार्यशैली ने बड़े नेताओं तक को प्रभावित किया था।
संघर्षों से भरा रहा रजनी ताई का राजनीतिक सफर
रजनी ताई ने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर सदैव आवाज उठाई। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने समाज और राजनीति में अपनी गहरी पहचान बनाई। रायपुर की पहली महिला विधायक बनने के बाद उन्होंने महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए कई योजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
उनके कार्यकाल के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और सड़क परियोजनाओं को गति देने में भी उनका योगदान सराहनीय रहा।
अंतिम समय में स्वास्थ्य से जूझ रहीं थीं
पिछले कई महीनों से रजनी ताई गंभीर रूप से बीमार थीं। रायपुर और अन्य शहरों के अस्पतालों में उनका इलाज चला, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। अंततः उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
प्रधानमंत्री और नेताओं ने व्यक्त किया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा—
“रजनी ताई जैसी प्रेरणादायी शख्सियत को खोना अपूरणीय क्षति है। मैं उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास कर रहा हूं।”
इसके अलावा मुख्यमंत्री, विभिन्न दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने उनके योगदान को सराहा।
जनता से गहरा जुड़ाव
रजनी ताई को “जनता की नेता” कहा जाता था। वे हमेशा आम नागरिकों की समस्याओं को सुनतीं और समाधान निकालने की कोशिश करतीं। यही कारण है कि उनका निधन आम नागरिकों को व्यक्तिगत नुकसान जैसा महसूस हुआ।
अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि सभा
रजनी ताई के अंतिम संस्कार की तैयारियां रायपुर में की गईं। हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
निष्कर्ष
रजनी ताई का निधन छत्तीसगढ़ और विशेषकर रायपुर के लिए अपूरणीय क्षति है। वे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बनकर हमेशा याद की जाएंगी। उनकी सादगी, संघर्षशीलता और जनसेवा की भावना राजनीति में आदर्श मानी जाएगी।
