रायगढ़ में महाजेनको कोल परियोजना को जल्द शुरू करने ग्रामीण पहुंचे, कलेक्टर-एसपी से की मुआवजे और रोजगार की मांग, दिया आंदोलन का संकेत।
रायगढ़ जिले में प्रस्तावित महाजेनको कोल परियोजना को शीघ्र प्रारंभ करवाने की मांग को लेकर आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण कलेक्टर और एसपी से मिलने रायगढ़ पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि कोल परियोजना के कारण जिनकी भूमि अधिग्रहित हुई है, उन्हें आज तक समुचित मुआवजा और रोजगार नहीं मिला है। वहीं जिन युवाओं को रोजगार का आश्वासन दिया गया था, वे आज भी बेरोजगार हैं।
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ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि महाजेनको कंपनी कोल खनन शुरू करती है तो क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को रोजगार मिलेगा। लेकिन जब तक भूमि अधिग्रहित परिवारों को रोजगार और न्याय नहीं मिलता, वे किसी भी स्तर पर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
कलेक्टर और एसपी से मुलाकात
ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल रायगढ़ कलेक्टर से मिलकर महाजेनको कोल परियोजना की धीमी प्रगति और इससे उत्पन्न समस्याओं पर चर्चा की। ग्रामीणों ने मांग की कि:
- अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा मिले।
- परियोजना क्षेत्र के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए।
- परियोजना की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
एसपी से मुलाकात के दौरान ग्रामीणों ने आशंका जताई कि कुछ बाहरी तत्व विरोध कर रहे हैं जिससे परियोजना में देरी हो रही है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की ताकि कंपनी जल्द से जल्द कार्य प्रारंभ कर सके।
ग्रामीणों का आरोप: कंपनी और प्रशासन ने दिए झूठे आश्वासन
गांव वालों का कहना है कि महाजेनको द्वारा कई बार आश्वासन दिया गया कि परियोजना शुरू होते ही सभी प्रभावितों को रोजगार मिलेगा और पुनर्वास कार्य तेज़ किया जाएगा, लेकिन अब तक केवल कागजी कार्यवाही ही हो रही है। भूमि जाने के बाद न तो किसी को नौकरी मिली और न ही उनके पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी हुई।
रोजगार और मुआवजे को लेकर तीखा आक्रोश
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ हफ्तों में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे सड़क पर उतरेंगे और बड़ा जन आंदोलन होगा। कई युवाओं ने बताया कि शिक्षा पूरी करने के बावजूद उन्हें आज तक नौकरी नहीं मिली, जबकि कोल परियोजना से सैकड़ों पदों की आवश्यकता बन रही है।
महाजेनको कोल परियोजना: क्या है मामला?
महाराष्ट्र पावर जनरेशन कंपनी (महाजेनको) द्वारा रायगढ़ के विभिन्न गांवों में कोल ब्लॉक विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना से जहां राज्य को बिजली उत्पादन के लिए कोयला मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों को भी रोजगार और क्षेत्रीय विकास की उम्मीद है।
प्रशासन का जवाब
कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और कंपनी से बात कर समाधान की प्रक्रिया तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सभी को न्याय मिलेगा।
