रविवार, 13 सितंबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

पवनी नगर पंचायत में बढ़े टैक्स का विरोध

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 12 March 2026

बिलाईगढ़ के पवनी नगर पंचायत में टैक्स वृद्धि के विरोध में वार्डवासियों ने प्रदर्शन कर सीएमओ को ज्ञापन सौंपा और टैक्स बढ़ोतरी वापस लेने की मांग


टैक्स बढ़ोतरी के खिलाफ वार्डवासियों का विरोध

छत्तीसगढ़ के बिलाईगढ़ क्षेत्र अंतर्गत पवनी नगर पंचायत में हाल ही में किए गए टैक्स बढ़ोतरी के फैसले के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। वार्डवासियों ने एकजुट होकर नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपा।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अचानक टैक्स बढ़ाने से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

नागरिकों ने बताई अपनी परेशानी

प्रदर्शन के दौरान वार्डवासियों ने कहा कि पहले से ही महंगाई के कारण लोगों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नगर पंचायत द्वारा टैक्स में बढ़ोतरी करना आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन गया है।

लोगों का कहना है कि टैक्स बढ़ाने से पहले नागरिकों से चर्चा या सुझाव नहीं लिए गए।

टैक्स वृद्धि वापस लेने की मांग

वार्डवासियों ने ज्ञापन के माध्यम से नगर पंचायत प्रशासन से टैक्स बढ़ोतरी के फैसले को वापस लेने की मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि टैक्स बढ़ाना जरूरी है तो पहले नगर क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए, जैसे सड़क, सफाई और पेयजल व्यवस्था।

प्रशासन से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद

ज्ञापन सौंपने के दौरान नागरिकों ने उम्मीद जताई कि नगर पंचायत प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा।

लोगों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जा सकता है।

सीएमओ ने दिया आश्वासन

नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने वार्डवासियों की मांगों को सुनते हुए आश्वासन दिया कि मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने नागरिकों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए धन्यवाद भी दिया।

स्थानीय स्तर पर बढ़ी चर्चा

टैक्स बढ़ोतरी को लेकर नगर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। कई लोग इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को संतुलित निर्णय लेना चाहिए, ताकि जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।


संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version