राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की, जहां राज्य के विकास पर सकारात्मक चर्चा हुई।
रायपुर। राजधानी रायपुर में सोमवार को एक सौहार्दपूर्ण क्षण देखने को मिला, जब राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। यह मुलाकात मुख्यमंत्री निवास में संपन्न हुई, जहां दोनों सम्मानित व्यक्तित्वों ने अपने अनुभव साझा किए और राज्य की प्रगति में योगदान करने की इच्छा प्रकट की।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर दोनों प्रतिभाशाली हस्तियों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति सम्मान जैसे उच्चतम पुरस्कार केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे राज्य का गर्व हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से प्रतिभाओं से समृद्ध रही है और यहां के युवा अपनी मेहनत और समर्पण से देशभर में पहचान बना रहे हैं।
देवाशीष और मनतृप्त कौर की उपलब्धियां
देवाशीष और मनतृप्त कौर दोनों ने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण कार्य कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। राष्ट्रपति सम्मान मिलना उनकी लगन, परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम है। देवाशीष ने शिक्षा और सामाजिक नवाचार में उल्लेखनीय योगदान दिया है, वहीं मनतृप्त कौर ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
दोनों ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी को प्रेरित करने और समाज के विकास में योगदान देने की इच्छा जाहिर की। उनका मानना है कि यदि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिलें, तो वे राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी प्रतिभाओं को हमेशा प्रोत्साहित करती रही है और आगे भी करेगी। उन्होंने दोनों सम्मानितों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी पहल और सुझावों को गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए ऐसे व्यक्तित्व आदर्श होते हैं, जो न केवल युवाओं को बल्कि समाज को भी प्रेरित करते हैं।
मुलाकात का महत्व
यह मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ के भविष्य की झलक भी दिखाई दी। मुख्यमंत्री और दोनों सम्मानित व्यक्तियों ने मिलकर इस बात पर चर्चा की कि कैसे शिक्षा, कला और समाजसेवा के क्षेत्र में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। यदि देवाशीष और मनतृप्त कौर जैसे लोग अपने अनुभव साझा करेंगे तो इससे राज्य के विकास में नई ऊर्जा का संचार होगा।
आगे की संभावनाएं
मुलाकात के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में देवाशीष और मनतृप्त कौर राज्य के शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत साबित होंगी।
राज्य सरकार द्वारा भी यह संकेत दिया गया है कि ऐसे लोगों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग और मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
