राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में नर्सिंग छात्रा का नहाते समय चोरी-छिपे अश्लील वीडियो बनाया गया, आरोपी खुद पुलिस के पास पहुंचा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक नर्सिंग छात्रा का नहाते समय बनाया गया अश्लील वीडियो सामने आया। इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने वाला आरोपी खुद पुलिस के पास आत्मसमर्पण करने पहुंचा, जिसने न सिर्फ समाज को झकझोर दिया, बल्कि अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
घटना रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल हॉस्पिटल की है, जिसे राज्य का सबसे बड़ा और प्रमुख सरकारी अस्पताल माना जाता है। यहां नर्सिंग की पढ़ाई कर रही एक छात्रा जब हॉस्टल के बाथरूम में नहा रही थी, तभी आरोपी ने चोरी-छिपे मोबाइल से उसका वीडियो बना लिया।
छात्रा को इस बात की जानकारी तब हुई जब उसे वीडियो वायरल होने की आशंका जताते हुए ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। घबराई छात्रा ने तुरंत इसकी शिकायत हॉस्टल वार्डन और फिर पुलिस में की।
आरोपी ने खुद किया आत्मसमर्पण
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वीडियो वायरल करने की धमकी देने के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और अपना अपराध कबूल किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने मानसिक दबाव और अपराधबोध के चलते आत्मसमर्पण का रास्ता चुना।
प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह छात्रा को पहले से जानता था और बदले की भावना या निजी दुश्मनी के चलते ऐसा किया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी ने अन्य छात्राओं के साथ भी ऐसा तो नहीं किया है।
अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था की पोल खोल दी है। जिस स्थान पर यह वीडियो बनाया गया, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। इसके अलावा, बाथरूम जैसी संवेदनशील जगहों पर बाहरी व्यक्तियों की पहुंच भी चिंता का विषय है।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया –
महिला सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में इस तरह की घटना होने से नर्सिंग छात्राओं और महिला कर्मचारियों में भय का माहौल है। हॉस्टल में रहने वाली कई छात्राओं ने इस घटना के बाद खुद को असुरक्षित महसूस किया और अपने परिजनों से घर लौटने की अनुमति मांगी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री और अस्पताल अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए। अस्पताल प्रबंधन ने एक अंतरिम आंतरिक जांच समिति गठित की है, जो यह पता लगाएगी कि आखिर इस तरह की लापरवाही कैसे हुई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को आईटी एक्ट और IPC की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है। उसके मोबाइल से वह वीडियो बरामद कर लिया गया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से कहा –
समाज में आक्रोश
घटना के सामने आने के बाद सामाजिक संगठनों और महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत प्रभावी कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि इस घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
छात्र संगठनों का विरोध
छात्र संगठनों ने इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया और मांग की कि अस्पताल प्रशासन पर भी जवाबदेही तय की जाए। उनके अनुसार, केवल आरोपी को गिरफ्तार करना काफी नहीं है, बल्कि सिस्टम को सुधारना ज़रूरी है।
निष्कर्ष
राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में नर्सिंग छात्रा के साथ हुई यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का अपराध नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी और संवेदनशील संस्थानों में सुरक्षा की अनदेखी का गंभीर उदाहरण है।
अब जरूरी है कि न सिर्फ आरोपी को सजा मिले, बल्कि ऐसे संस्थानों में सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही की स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए, जिससे छात्राएं खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सकें।





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