गरीब बुजुर्ग का सम्मानजनक अंतिम संस्कार संस्था ने किया

Share This Post

अनोखी सोच संस्था ने गरीब बुजुर्ग के निधन पर मानवता की मिसाल पेश करते हुए सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर समाज में एक प्रेरक संदेश दिया

रायपुर।छत्तीसगढ़:समाज में जब रिश्ते और संवेदनाएं कम होती जा रही हैं, ऐसे में रायपुर की ‘अनोखी सोच संस्था’ ने एक मिसाल पेश की है। एक गरीब, बेसहारा बुजुर्ग की मृत्यु के बाद जब कोई उसका अंतिम संस्कार करने नहीं आया, तब इस संस्था ने आगे आकर न सिर्फ उसकी अंत्येष्टि की जिम्मेदारी उठाई, बल्कि पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार भी किया।

जानकारी के मुताबिक, यह बुजुर्ग रायपुर शहर के एक पुराने मोहल्ले में अकेले रहते थे। उनका कोई परिजन या सहारा नहीं था। लंबे समय से बीमार रहने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। पास-पड़ोस के लोग तो थे, लेकिन कोई जिम्मेदारी लेने को आगे नहीं आया। ऐसे में अनोखी सोच संस्था को सूचना मिली। संस्था के संस्थापक और सदस्यों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराया।

संस्था की पहल को सराहना

अनोखी सोच संस्था पिछले कई वर्षों से समाजसेवा में जुटी हुई है। संस्था के संस्थापक ने बताया कि उन्हें जैसे ही इस बात की जानकारी मिली, वे तत्काल अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा, “इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। जब किसी का कोई नहीं होता, तब समाज को उसका साथ देना चाहिए। यही हमारी संस्था का उद्देश्य है।”

स्थानीय लोगों ने संस्था के इस कार्य की दिल खोलकर सराहना की। एक पड़ोसी ने कहा, “हमने देखा कि संस्था के सदस्य कितने सम्मान और श्रद्धा के साथ अंतिम संस्कार कर रहे थे। यह सच्ची मानवता है।”

समाज में बढ़ रही संवेदनहीनता पर चिंता

इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ रही संवेदनहीनता और आत्मकेंद्रित जीवनशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। अकेलेपन और असहायता का शिकार हो रहे बुजुर्गों की स्थिति दयनीय है। जब परिवार और समाज साथ छोड़ देता है, तब ऐसे लोगों के लिए ‘अनोखी सोच’ जैसी संस्थाएं ही उम्मीद की किरण बनती हैं।

अंतिम संस्कार में निभाई पूरी विधि

संस्था के सदस्यों ने बताया कि बुजुर्ग का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। शव को श्मशान ले जाने से पहले उसे अच्छे से साफ किया गया, फूल-मालाएं अर्पित की गईं और फिर विधिपूर्वक अंतिम क्रिया की गई।

प्रशासन से सहयोग की मांग

संस्था ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों में स्थानीय निकायों को संवेदनशीलता के साथ पहल करनी चाहिए। गरीब, बेसहारा और अकेले लोगों के लिए अलग से योजना बननी चाहिए ताकि मृत्यु के बाद भी उनका सम्मान बना रहे।

जनमानस से अपील

अनोखी सोच संस्था ने आम जनता से भी अपील की कि यदि उनके आस-पास कोई बेसहारा या असहाय व्यक्ति रहता है, तो उसकी मदद करें। मृत्यु के बाद भी हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक विदा करना हमारा सामाजिक दायित्व है।

अंत में

इस घटना ने यह दिखा दिया कि जब समाज में संवेदनाएं जीवित होती हैं, तब कोई भी व्यक्ति अकेला नहीं होता। अनोखी सोच संस्था की यह पहल न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज को एक गहरा संदेश देती है – इंसानियत ज़िंदा है, बस जरूरत है उसे पहचानने और अपनाने की।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Raja Shakti Raj Singh
Raja Shakti Raj Singhhttps://dabangsuchna.com
राजा शक्ति राज सिंह "दबंग सूचना" के संस्थापक और स्वामी हैं। वे निष्पक्ष, निर्भीक और जन-समर्पित पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। उनका उद्देश्य सच्चाई को आम जनता तक पहुंचाना है। डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में उनका योगदान सराहनीय है और उन्होंने "दबंग सूचना" को विश्वसनीय समाचार स्रोत के रूप में स्थापित किया है।
spot_img

Latest Suchna

Vastu Guruji
KUBER JI
KUBER JI 8″
🛒 Read More
INDRA DEV
INDRA DEV 9″
🛒 Read More
Infinity
Power of Infinity
🛒 Read More
Vastu Chakra
Vastu Chakra
🛒 Read More

📢 जुड़ें हमारे धमाकेदार ग्रुप से!

खबरें जो रखती हैं असर – न्यूज़ पोर्टल और अख़बार Dabang Suchna के साथ जुड़ें!

👥 अभी जॉइन करें WhatsApp ग्रुप