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SIR विवाद पर गरमाई सियासत, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 5 August 2025

छत्तीसगढ़ में S.I.R. रिपोर्ट पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने भाजपा पर साजिश का आरोप लगाया, डिप्टी सीएम ने खारिज कर बताया झूठा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट देखी जा रही है। S.I.R. (Special Investigation Report) विवाद ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। इस मुद्दे पर राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता शिव डहरिया भगत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भगत का कहना है कि भाजपा छत्तीसगढ़ में बिहार जैसी साजिश को अंजाम देने की कोशिश कर रही है।

वहीं, इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने इसे “झूठा और भ्रामक” बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल भ्रम फैलाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

पूर्व मंत्री भगत का आरोप:

पूर्व मंत्री भगत ने एक प्रेस वार्ता में कहा,

“भाजपा छत्तीसगढ़ में ‘बिहार मॉडल’ को दोहराना चाहती है। जिस तरह बिहार में विपक्षी नेताओं को फर्जी रिपोर्ट के आधार पर फंसाया गया, ठीक उसी तरह भाजपा यहां भी राजनीतिक साजिश कर रही है। राज्य में भाजपा शासन आने के बाद S.I.R. के जरिए विपक्ष की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है और अगर समय रहते जनता नहीं जागी, तो यह राजनीतिक तानाशाही में बदल सकता है।

भाजपा और डिप्टी सीएम का जवाब:

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा,

“पूर्व मंत्री भगत का बयान दुर्भावनापूर्ण और झूठा है। हमारी सरकार पारदर्शिता में विश्वास रखती है। S.I.R. कोई राजनीतिक हथियार नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ कार्रवाई का उपकरण है।”

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस को डर केवल इसलिए सता रहा है क्योंकि उनकी सरकार के समय हुए घोटाले अब उजागर हो रहे हैं।

S.I.R. रिपोर्ट क्या है?

S.I.R. यानी Special Investigation Report एक विशेष प्रकार की जांच रिपोर्ट होती है जो गंभीर आरोपों, घोटालों और प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच के लिए बनाई जाती है। राज्य में पिछले कुछ समय से विभिन्न विभागों में हुई अनियमितताओं को लेकर S.I.R. तैयार की जा रही हैं।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कई कांग्रेस नेताओं की बेचैनी बढ़ गई है, क्योंकि इनमें पूर्व सरकार के कार्यकाल से जुड़े विषयों की भी जांच शामिल है।

कांग्रेस की रणनीति:

कांग्रेस इस पूरे मामले को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की तैयारी में है। भगत और अन्य नेताओं का कहना है कि भाजपा प्रशासनिक जांच के नाम पर राजनीतिक प्रतिशोध की नीति पर चल रही है।

कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मामले को विधानसभा सत्र में भी उठाएगी। इसके अलावा, वह इसे लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की रणनीति भी बना रही है।

जनता की प्रतिक्रिया:

इस विवाद ने सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच भी चर्चा को जन्म दिया है। कुछ लोग मानते हैं कि सत्तारूढ़ भाजपा विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, तो वहीं अन्य का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच किसी भी सरकार का दायित्व है।

निष्कर्ष:

S.I.R. विवाद ने छत्तीसगढ़ की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है। पूर्व मंत्री भगत और डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बयानों ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तेज़ होगा। अब देखना यह है कि भाजपा सरकार इस जांच प्रक्रिया को किस हद तक आगे ले जाती है और कांग्रेस इसका मुकाबला किस रणनीति से करती है।

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