छत्तीसगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत 814 लापता बच्चों को खोज निकाला, परिजनों से मिलाया और सुरक्षित जीवन की ओर लौटाया।
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत राज्य में बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने इस अभियान के दौरान 814 गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों से मिलाया। यह उपलब्धि राज्य में बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
Read it loud
क्या है ऑपरेशन मुस्कान?
‘ऑपरेशन मुस्कान’ एक राष्ट्रीय अभियान है, जिसे गुमशुदा, भटके हुए और बाल तस्करी के शिकार बच्चों की खोज और पुनर्वास के लिए शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को न केवल खोज निकालना है, बल्कि उन्हें उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाना भी है। इस अभियान में पुलिस के साथ-साथ बाल कल्याण समिति, चाइल्डलाइन, महिला एवं बाल विकास विभाग और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं भी सहयोग कर रही हैं।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही और सक्रियता
राज्य के विभिन्न जिलों में कई महीनों से लापता बच्चों की तलाश में विशेष टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाल आश्रम, भीड़भाड़ वाले इलाकों, निर्माण स्थलों और फैक्ट्रियों में सघन छानबीन की। मोबाइल ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज, और परिजनों की मदद से अनेक बच्चों का सुराग मिला।
पुलिस महानिदेशक (DGP) ने इस अभियान की सफलता पर सभी जिलों की पुलिस टीमों की सराहना की और कहा कि “यह केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि इन बच्चों के मुस्कान लौटाने का प्रयास है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
बरामद बच्चों की स्थिति
बरामद किए गए 814 बच्चों में अधिकांश नाबालिग लड़के और लड़कियां हैं, जिनमें से कुछ बाल मजदूरी और घरेलू नौकर के रूप में कार्यरत थे। कुछ बच्चों को रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थलों से भी बरामद किया गया। अधिकांश बच्चे अपने परिवारों से बिछुड़ गए थे या किसी बहकावे में आकर घर छोड़ चुके थे।
पुलिस और बाल कल्याण विभाग ने इन बच्चों को काउंसलिंग, स्वास्थ्य जांच और शिक्षा की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं। साथ ही उनके परिजनों को सतर्क रहने की सलाह भी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने सराहा अभियान
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “बच्चों की मुस्कान ही हमारी असली जीत है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत छत्तीसगढ़ पुलिस ने जो कार्य किया है, वह प्रेरणादायक है।”
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की प्राथमिकता में है और भविष्य में इस दिशा में और अधिक सशक्त पहल की जाएगी।
आगे की योजना
राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में भी गुमशुदा बच्चों की तलाश एक सतत प्रक्रिया बनी रहेगी। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी लावारिस या भटके हुए बच्चे को देखकर तुरंत पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें।
