रायपुर: मोबाइल शोरूम में लाखों की चोरी, पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
रायपुर। रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित एक प्रमुख मोबाइल शोरूम में बीती रात लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। चोरों ने शटर काटकर शोरूम में घुसपैठ की और वहां से महंगे स्मार्टफोन, टैबलेट और नकदी चुराकर फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी का अधिकतर माल भी बरामद कर लिया गया है।
शटर काटकर की गई थी सेंधमारी
घटना रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। चोरों ने गैस कटर और औजारों की मदद से शोरूम का शटर काटा और अंदर घुस गए। शोरूम में लगे CCTV कैमरों की दिशा बदल दी गई थी ताकि उनकी पहचान न हो सके।
सुबह जब शोरूम का मालिक दुकान खोलने पहुंचा तो देखा कि शटर टूटा हुआ है और सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा है। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
चोरी गए सामान की सूच
शोरूम के मालिक के अनुसार, चोरों ने:
- लगभग ₹1.8 लाख नकद
- 55 ब्रांडेड स्मार्टफोन (Samsung, Apple, Xiaomi आदि)
- 7 टैबलेट
- 18 वायरलेस ईयरबड्स
- और कुछ हाई-एंड स्मार्ट वॉच
चुरा लिए। अनुमानित चोरी की कुल राशि ₹14 लाख से अधिक है।
CCTV फुटेज बना मुख्य सुराग
तेलीबांधा थाना पुलिस ने आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। एक फुटेज में चार युवक संदिग्ध अवस्था में चोरी की रात क्षेत्र में घूमते नजर आए। फुटेज की सहायता से पुलिस ने उनका पीछा करते हुए शहर के अलग-अलग इलाकों से चारों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे सभी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं।
इनमें शामिल हैं:
- राजेश उर्फ राजा (23) – गैंग का लीडर, पूर्व में भी चोरी के मामलों में शामिल
- इरशाद खान (27) – तकनीकी तौर पर माहिर, CCTV कैमरे बंद करना जानता है
- अजय साहू (25) – वाहन और माल ढोने की जिम्मेदारी निभाता था
- विकास यादव (22) – चोरी का माल बेचने के लिए संपर्क करता था
पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन चारों ने पहले भी अन्य दुकानों में चोरी की कोशिश की थी।
बरामद माल और औजार
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- 48 मोबाइल फोन
- ₹1.4 लाख नकद
- 5 टैबलेट
- 1 गैस कटर मशीन
- नकली नंबर प्लेट वाली बाइक
जब्त की है। पुलिस शेष चोरी गए सामान की तलाश में है।
चोरों की रणनीति: रेकी और रात्रिकालीन हमला
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले दुकानों की रेकी करते हैं — सिक्योरिटी कैमरा, गार्ड की उपस्थिति, शटर की मजबूती — सबकुछ नोट किया जाता है। फिर मौका देखकर देर रात वारदात को अंजाम दिया जाता है।
उन्होंने चोरी के बाद चोरी के फोन को दूसरे जिलों और ब्लैक मार्केट में बेचने की योजना भी तैयार कर रखी थी।
पुलिस की तत्परता से बढ़ा विश्वास
शहर के व्यापारियों और नागरिकों ने रायपुर पुलिस की तेज़ कार्रवाई की सराहना की है।
एक व्यापारी ने कहा:
एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि आगे भी ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई जारी रहेगी और शहर में रात की गश्त बढ़ा दी गई है।
सुरक्षा को लेकर व्यापारी संगठनों की मांग
चोरी की इस घटना के बाद व्यापारिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से कुछ प्रमुख मांगें
बढ़ती हाई-टेक चोरियों पर चिंता
हाल के महीनों में रायपुर, भिलाई, दुर्ग जैसे शहरी क्षेत्रों में हाई-टेक गैंग चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ये गैंग गैस कटर, जैमर और नकली पहचान पत्र जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर चोरी को अंजाम देते हैं।
रायपुर पुलिस अब तकनीकी जांच दल (Cyber and Surveillance Teams) को सक्रिय कर रही है ताकि समय रहते इन गैंगों को पकड़ा जा सके।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षा उपकरण लगवाएं
पुलिस ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है:
- दुकानें बंद करने से पहले CCTV और लॉकिंग सिस्टम जांचें
- डिजिटल सिक्योरिटी अलार्म लगवाएं
- संदिग्ध लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को दें
- कर्मचारियों का वेरिफिकेशन अवश्य करवाएं
