वाराणसी में पीएम मोदी बोले- भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर, ट्रंप की ‘डेड इकॉनमी’ टिप्पणी पर अप्रत्यक्ष जवाब।
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जनसभा को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति का बड़ा विज़न साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड’ (मृत) कहकर आलोचना की थी।
Read It Loud
हालांकि पीएम मोदी ने ट्रंप का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके भाषण की टाइमिंग और अंदाज़ को लेकर यह माना जा रहा है कि यह ट्रंप के बयान पर अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया है।
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी का विश्वास
पीएम मोदी ने कहा,
“आज भारत दुनिया की टॉप-5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। हमने 10 साल में पांचवीं से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय कर लिया है। यह हम सबके सामूहिक प्रयासों से संभव होगा।”
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। मोदी के अनुसार, भारत की युवाशक्ति, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और उद्यमिता की भावना अब वैश्विक मंच पर पहचान बना रही है।
ट्रंप की टिप्पणी और उसका प्रभाव
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अमेरिकी चुनाव प्रचार के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर कहा था कि “भारत की इकॉनमी अब ‘डेड’ हो चुकी है।” इस बयान को लेकर भारत में काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
ट्रंप की इस टिप्पणी को भारत विरोधी और अपमानजनक करार देते हुए कई विश्लेषकों और राजनेताओं ने निंदा की। ऐसे में पीएम मोदी का यह बयान ट्रंप के दावे को खारिज करने और भारत की आर्थिक क्षमता पर भरोसा जताने का संकेत माना जा रहा है।
वाराणसी से दिया गया विश्वास का संदेश
प्रधानमंत्री ने वाराणसी की धरती से जनता को विश्वास दिलाया कि भारत किसी भी वैश्विक दबाव या आलोचना से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा,
“भारत आज अपने आत्मबल, संसाधनों और जनशक्ति के बल पर विश्व में अलग पहचान बना रहा है। हमारा लक्ष्य अब टॉप-3 में शामिल होना है, और यह दूर नहीं है।”
अर्थव्यवस्था में हालिया उपलब्धियां
- भारत की GDP इस समय लगभग 3.9 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है और यह जापान और जर्मनी को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंचने के करीब है।
- IMF और विश्व बैंक की रिपोर्टों के अनुसार भारत 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है, लेकिन मोदी सरकार का दावा है कि यह कार्यकाल के अंत तक यानी 2029 से पहले हो सकता है।
- भारत में FDI, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इकॉनमी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
युवाओं को बताया गेमचेंजर
मोदी ने युवाओं को भारत के आर्थिक भविष्य का असली नायक बताया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप से लेकर रिसर्च तक, भारत के युवा हर क्षेत्र में कमाल कर रहे हैं।
“आज भारत में हर हफ्ते दर्जनों नए स्टार्टअप जन्म ले रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में भारतीय नेतृत्व कर रहे हैं। यह हमारी ताकत है।”
मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का ज़िक्र
प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों को आर्थिक परिवर्तन का इंजन बताया। उन्होंने कहा कि अब भारत रक्षा से लेकर सेमीकंडक्टर तक के क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन रहा है, जिससे विदेशी आयात पर निर्भरता घट रही है और निर्यात बढ़ रहा है।
डिजिटल इंडिया बना ग्लोबल मॉडल
मोदी ने डिजिटल इंडिया की सफलता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि UPI, डिजिटल पेमेंट, डिजिलॉकर और ऑनलाइन सेवाओं ने भारत को डिजिटल क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है।
“दुनिया आज भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की बात करती है। G20 में हमने यह साबित किया कि तकनीक को जन-कल्याण से कैसे जोड़ा जा सकता है।”
विपक्ष और अंतरराष्ट्रीय आलोचना पर परोक्ष जवाब
भले ही पीएम मोदी ने किसी विपक्षी नेता या ट्रंप का नाम नहीं लिया, लेकिन यह स्पष्ट था कि उनका भाषण उन आलोचनाओं के जवाब में था, जो भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर समय-समय पर उठती रही हैं।
उन्होंने कहा,
“हमारे प्रयासों को नकारने वाले हमेशा रहेंगे, लेकिन देश की जनता सच्चाई जानती है। भारत की ताकत आंकड़ों से नहीं, जमीनी बदलावों से पहचानी जाएगी।”
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह भाषण एक तरफ जहां भारत की आर्थिक उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को रेखांकित करता है, वहीं यह वैश्विक आलोचनाओं के प्रति भारत के आत्मविश्वास को भी दर्शाता है। भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, और सरकार इस लक्ष्य को जल्द प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है।


अपनी प्रतिक्रिया दें Cancel reply