पीएम मोदी ने जापान में बुलेट ट्रेन की यात्रा की, भारतीय चालकों से मुलाकात की और भारत में 7,000 किमी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का लक्ष्य तय किया।
नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जापान दौरे के दौरान बुलेट ट्रेन का सफर किया और वहां की तकनीकी और संचालन व्यवस्था का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय रेल चालकों से भी मुलाकात की, जो जापान में बुलेट ट्रेन संचालन का प्रशिक्षण ले रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी तकनीक से जुड़ रहा है और इसका लाभ सीधे करोड़ों भारतीयों को मिलेगा।
भारत में पहले से ही मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत पीएम मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने मिलकर की थी। पीएम मोदी ने बताया कि भारत का लक्ष्य 7,000 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन नेटवर्क स्थापित करना है, जिससे देश के बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय काफी हद तक घट जाएगा।
जापानी तकनीक से भारत में नया अध्याय
पीएम मोदी ने कहा कि जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की तेजी से बढ़ती रेल नेटवर्क की जरूरतों के बीच सहयोग से भारत में नया अध्याय लिखा जाएगा। उन्होंने जापान की “शिंकानसेन” प्रणाली की सराहना की, जिसने जापान को हाई-स्पीड रेल तकनीक में अग्रणी बनाया है।
भारतीय रेल चालक जो जापान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, उनके साथ बातचीत में पीएम मोदी ने उन्हें बुलेट ट्रेन के संचालन से जुड़ी बारीकियों को समझने और भारत लौटकर उसे लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया।
बुलेट ट्रेन नेटवर्क का भारत के लिए महत्व
भारत में 7,000 किमी का हाई-स्पीड रेल नेटवर्क बनने से देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय काफी घटने से रोजगार और शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।
मुंबई-अहमदाबाद परियोजना से मिली गति
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद के बीच 508 किमी लंबी है। इसका संचालन जापानी शिंकानसेन तकनीक से होगा और इसका काम तेजी से प्रगति पर है। पीएम मोदी ने कहा कि यह परियोजना भारत के लिए एक मॉडल बनेगी, जिस पर आगे अन्य कॉरिडोर आधारित होंगे।
पर्यावरण और सुरक्षा पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि बुलेट ट्रेन नेटवर्क भारत की हरित ऊर्जा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगा। बिजली से चलने वाली बुलेट ट्रेन कार्बन उत्सर्जन कम करेगी और पर्यावरण के लिए सुरक्षित होगी। इसके साथ ही यात्रियों की सुरक्षा और आराम को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
निष्कर्ष
जापान दौरे पर पीएम मोदी का बुलेट ट्रेन सफर भारत की हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। भारतीय रेल चालकों को जापान में प्रशिक्षण दिलाना और 7,000 किलोमीटर के नेटवर्क का लक्ष्य यह दर्शाता है कि भारत अब आधुनिक रेल तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
