दुर्ग जिले में मोर गांव मोर पानी महाभियान जन आंदोलन बना, 32,058 वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण, जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधार पर जोर
दुर्ग जिले में जल संरक्षण को लेकर चलाया जा रहा मोर गांव मोर पानी महाभियान अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है। जिले में अभियान के तहत अब तक 32,058 वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। इस पहल से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल स्तर सुधारने की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
जनभागीदारी से मिली सफलता
अभियान की सफलता का मुख्य कारण जनभागीदारी को माना जा रहा है। ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया है। गांव-गांव में लोगों ने श्रमदान कर सोख्ता गड्ढे, तालाब गहरीकरण, नाला बंधान और अन्य जल संरचनाओं का निर्माण किया।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य गांवों में जल संरक्षण को बढ़ावा देना और वर्षा जल का अधिकतम उपयोग करना है। इस दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में जल संकट की समस्या को कम किया जा सके।
विभिन्न प्रकार की संरचनाओं का निर्माण
अभियान के तहत जिले में अलग-अलग प्रकार की जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—
- सोख्ता गड्ढा निर्माण
- खेत तालाब निर्माण
- नाला बंधान
- चेक डैम निर्माण
- कुओं का रिचार्ज
- जल निकासी व्यवस्था सुधार
इन संरचनाओं के निर्माण से वर्षा जल का संचयन हो रहा है और भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मिला सकारात्मक असर
अभियान के तहत किए गए कार्यों का असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। कई गांवों में पहले जहां पानी की कमी रहती थी, वहां अब जल उपलब्धता में सुधार हुआ है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने से खेती में भी लाभ होने की उम्मीद है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले बारिश का पानी बहकर निकल जाता था, लेकिन अब जल संरचनाओं के निर्माण से पानी का संरक्षण हो रहा है। इससे गर्मियों में भी पानी की उपलब्धता बनी रहने की संभावना बढ़ गई है।
प्रशासन ने की सराहना
अधिकारियों ने बताया कि अभियान को सफल बनाने में सभी विभागों ने मिलकर काम किया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, मनरेगा और अन्य विभागों ने समन्वय बनाकर कार्य किया।
अभियान के तहत लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
जल संरक्षण पर दिया जा रहा जोर
अधिकारियों ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए इस तरह के अभियान बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जल संरक्षण के कार्यों को आगे भी जारी रखें और अपने गांवों में अधिक से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण करें।
भविष्य की योजना
अभियान को आगे बढ़ाते हुए जिले में और अधिक जल संरचनाओं का निर्माण करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में नए लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किए जाएंगे।
लोगों ने जताई खुशी
ग्रामीणों ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे गांवों में जल संकट की समस्या कम होगी। लोगों ने प्रशासन की इस पहल को सराहनीय बताया और भविष्य में भी सहयोग देने की बात कही।
जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
“मोर गांव मोर पानी महाभियान” जिले में जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। जनभागीदारी से चल रहा यह अभियान आने वाले समय में जल संकट से निपटने में सहायक साबित होगा।


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