शनिवार, 12 सितंबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

जनऔषधि कीमतों में कटौती, मरीजों को बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 5 August 2025


जनऔषधि की दवाओं की कीमतें घटीं, जिससे आम मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार का आभार जताया।

रायपुर। जनऔषधि केंद्रों से दवा खरीदने वाले मरीजों को अब पहले से ज्यादा राहत मिलेगी। केंद्र सरकार ने कई आवश्यक दवाओं की कीमतों में भारी कटौती की है, जिससे आमजन को किफायती स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा। इस फैसले का स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि जनऔषधि योजना का उद्देश्य ही है आम आदमी को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं सस्ती दरों पर उपलब्ध कराना और इस दिशा में किया गया यह कदम सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल ग्रामीण और गरीब वर्ग को राहत मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य बजट पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

Read it loud

https://dabangsuchna.com/wp-content/uploads/2025/08/cm-say-5.8.25.aac

किन दवाओं के दाम घटे

भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत कई आवश्यक और रोजमर्रा की दवाओं की कीमतों में औसतन 10 से 60 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। इसमें ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बुखार, संक्रमण, दर्द निवारक और एंटीबायोटिक जैसी जरूरी दवाएं शामिल हैं। उदाहरण के लिए, पहले जो दवा बाजार में ₹150 में मिलती थी, अब वही जनऔषधि केंद्र में ₹50-60 में मिल रही है।

जनऔषधि केंद्रों का विस्तार

छत्तीसगढ़ में फिलहाल 300 से अधिक जनऔषधि केंद्र कार्यरत हैं, जिनमें हजारों लोग रोज सस्ती दवाएं खरीदते हैं। राज्य सरकार इन केंद्रों की संख्या बढ़ाकर हर ब्लॉक और प्रमुख गांव तक ले जाने की योजना बना रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आने वाले छह महीनों में और 150 नए केंद्र खोले जाएंगे।

आंकड़ों में जनऔषधि योजना की सफलता

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते एक वर्ष में जनऔषधि केंद्रों से 1000 करोड़ रुपये की दवाएं खरीदी गईं, जिससे लगभग 5000 करोड़ रुपये की बचत लोगों को हुई है। अकेले छत्तीसगढ़ में ही जनऔषधि केंद्रों से 70 करोड़ रुपये से अधिक की दवाएं वितरित की गईं।

विपक्ष का नजरिया

जहां एक ओर सरकार इस योजना की सफलता का दावा कर रही है, वहीं कुछ विपक्षी दलों ने इसे “प्रचार आधारित” योजना करार देते हुए कहा कि इसकी पहुंच अभी भी सीमित है। कांग्रेस प्रवक्ता का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में कई केंद्र बंद पड़े हैं या स्टॉक की कमी है।

लोगों की राय

रायपुर के एक जनऔषधि केंद्र में दवा लेने आए रामकुमार साहू ने बताया, “मेरे पिताजी डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज हैं। पहले दवाओं में महीने का खर्च ₹2000 आता था, अब ₹700 में काम चल जाता है।”

एक अन्य मरीज रजनी सिंह ने कहा, “महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कई दवाएं बहुत सस्ते में मिल रही हैं। जनऔषधि केंद्र गरीबों के लिए वरदान हैं।”

सरकार की अगली योजना

राज्य सरकार अब जनऔषधि केंद्रों में डॉक्टर की ऑनलाइन सलाह, लैब टेस्ट और बेसिक मेडिकल जांच की सुविधा भी जोड़ने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने निर्देश जारी किया है कि हर जिला अस्पताल में जनऔषधि केंद्र के संचालन की समीक्षा हो।

निष्कर्ष

जनऔषधि योजना की सफलता आम नागरिक की जेब पर पड़ने वाले खर्च को कम करने में सहायक हो रही है। छत्तीसगढ़ सरकार का केंद्र के साथ समन्वय राज्य में सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version