छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे दंपती की मौत, बेटा गंभीर रूप से घायल। प्रशासन ने राहत राशि देने की घोषणा की।
महासमुंद.। छत्तीसगढ़ में मंगलवार को बारिश के दौरान आसमानी बिजली ने एक परिवार की खुशियों को पल भर में उजाड़ दिया। जिले के एक गांव में खेत में काम कर रहे दंपती पर बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
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घटना का विवरण
यह हादसा उस समय हुआ जब पीड़ित दंपती – 45 वर्षीय रमेश यादव और उनकी 40 वर्षीय पत्नी सावित्री यादव – अपने बेटे के साथ खेत में काम कर रहे थे। दोपहर करीब 3 बजे तेज बारिश शुरू हुई और बिजली कड़कने लगी। इसी दौरान अचानक जोरदार बिजली गिरी, जिसकी चपेट में तीनों आ गए।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि घटनास्थल से धुएं का गुबार उठता देखा गया और लोग दौड़कर पहुंचे। वहां पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि 20 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और तहसील प्रशासन मौके पर पहुंचा। तहसीलदार ने बताया कि मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से प्राकृतिक आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता दी जाएगी। घायल युवक के इलाज की पूरी व्यवस्था की जा रही है।
तहसीलदार ने कहा:
“यह अत्यंत दुखद घटना है। राजस्व विभाग ने तत्काल पंचनामा तैयार कर मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की राहत राशि स्वीकृत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।“
ग्रामीणों में आक्रोश
गांववासियों का कहना है कि मानसून सीजन में प्रशासन की ओर से कोई पूर्व सूचना या अलर्ट नहीं मिलता। कई बार खेतों में काम करने वाले मजदूर और किसान ऐसी घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली गिरने की आशंका वाले दिनों में मौसम विभाग की चेतावनी को गांव स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने पिछले दो दिनों से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की थी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी मौसम असामान्य रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बारिश के दौरान खुले मैदानों, खेतों या ऊंचे स्थानों पर न जाएं।
विशेषज्ञों की राय
विज्ञान और तकनीक विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली गिरने से बचने के लिए आवश्यक है कि लोग धातु की चीजों से दूर रहें, पेड़ के नीचे खड़े न हों और मोबाइल फोन का प्रयोग न करें।
विशेषज्ञ डॉ. राकेश वर्मा ने बताया:
“बिजली गिरने से होने वाली मौतें 100% रोकी जा सकती हैं यदि लोग सुरक्षा नियमों का पालन करें। सबसे जरूरी है कि लोग मौसम अलर्ट पर ध्यान दें और खेतों या खुले स्थानों से दूर रहें।”
निष्कर्ष
यह हादसा एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर करता है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी हमारे ग्रामीण इलाकों में कितनी कमजोर है। प्रशासन को न केवल राहत राशि देने तक सीमित रहना चाहिए, बल्कि लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाना चाहिए। साथ ही, मौसम पूर्वानुमान प्रणाली को सशक्त कर गांव-गांव तक सूचनाएं पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
