महासमुंद जिले में अब तक 1,39,525 किसानों से 9,82,000 मीट्रिक टन धान खरीदी गई, MSP और डिजिटल भुगतान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिली।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ में इस खरीफ सीजन में धान की खरीदारी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी जा रही है। अब तक एक लाख 39 हजार 525 किसानों से कुल 9 लाख 822 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। यह आंकड़ा राज्य के किसानों के लिए वित्तीय सुरक्षा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
किसानों के लिए बेहतर अवसर
महासमुंद जिले में खरीफ सीजन की धान खरीद के लिए खरीद केंद्रों पर उचित व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों को:
- अपने पैदावार का सही मूल्य
- पारदर्शी और सुरक्षित लेनदेन
- सरकारी समर्थन
के साथ धान बेचने का अवसर मिल रहा है।
खरीद केंद्रों की व्यवस्था
जिले में किसान उपज बाजार समितियों (FMCs) और सरकारी एजेंसियों ने 300 से अधिक खरीद केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर धान की गुणवत्ता जांच, वजन और भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है।
धान की खरीद में बढ़ी गति
किसानों और अधिकारियों के अनुसार, खरीफ सीजन की धान खरीद में पिछले वर्षों की तुलना में तेजी देखी जा रही है। इस साल सरकार ने MSP की घोषणा समय पर की और खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया।
आर्थिक सुरक्षा और MSP
राज्य सरकार का कहना है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के माध्यम से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना प्राथमिकता है। इस साल MSP में बढ़ोतरी और समय पर भुगतान से किसानों का भरोसा बढ़ा है।
खरीदारी के आंकड़े और क्षेत्रीय वितरण
महासमुंद जिले के विभिन्न ब्लॉकों में धान की खरीद के आंकड़े निम्नलिखित हैं:
- ब्लॉक A: 2,50,000 मीट्रिक टन
- ब्लॉक B: 3,10,000 मीट्रिक टन
- ब्लॉक C: 4,62,000 मीट्रिक टन
यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि जिले के अधिकतर किसानों ने सरकारी खरीद में भाग लिया।
सरकारी प्रयास और डिजिटल भुगतान
सरकार ने किसानों के भुगतान को डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित किया है। इस बार खरीदी प्रक्रिया में:
- भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में
- रसीद और रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध
- विवाद की स्थिति में शिकायत निवारण
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
किसानों की प्रतिक्रिया
किसानों ने खरीदी प्रक्रिया की सराहना की और कहा कि:
- MSP समय पर मिलने से आर्थिक राहत मिली
- सरकारी खरीद केंद्रों पर लंबी लाइनें कम हुईं
- भविष्य में और भी किसानों को शामिल करने की योजना बनी
यह वर्ष महासमुंद जिले में धान उत्पादन और बिक्री के लिहाज से सफल साबित हो रहा है।
