छत्तीसगढ़ के 53 नगरीय निकायों में संपत्तिकर ऑनलाइन जमा होगा, अब नगर निगम जाने की जरूरत नहीं, डिजिटल भुगतान से बढ़ेगी सुविधा और पारदर्शिता।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। अब संपत्तिकर जमा करने के लिए नगर निगम या नगर पालिका कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के 53 नगरीय निकायों में संपत्तिकर को पूरी तरह ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था लागू कर दी है। इस व्यवस्था के तहत नागरिक घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से अपना संपत्तिकर जमा कर सकेंगे।
नगरीय प्रशासन विभाग के अनुसार, यह सुविधा नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से शुरू की गई है। ऑनलाइन सिस्टम के लागू होने से करदाताओं को समय की बचत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम होंगी। अब करदाताओं को लंबी कतारों में खड़े होने या दस्तावेजों के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
राज्य के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, कोरबा, राजनांदगांव सहित कुल 53 नगरीय निकायों को इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। नागरिक नगरीय प्रशासन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित निकाय के पोर्टल पर जाकर अपनी संपत्ति की जानकारी दर्ज कर टैक्स की राशि देख सकते हैं और डिजिटल माध्यमों जैसे यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान कर सकते हैं।
ऑनलाइन भुगतान के बाद करदाताओं को तुरंत डिजिटल रसीद भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे भविष्य में किसी भी सरकारी कार्य के लिए उपयोग किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे निकायों के राजस्व संग्रह में भी बढ़ोतरी होगी और टैक्स रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जा सकेगा।
नगर निगम रायपुर के अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत तकनीकी सहायता के लिए हेल्पडेस्क भी बनाई गई है। जिन नागरिकों को ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी होगी, उन्हें मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके अलावा वार्ड स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल माध्यम से कर भुगतान करें।
राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम ‘डिजिटल छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में जलकर, सफाई कर और अन्य नगरीय सेवाओं के शुल्क भी ऑनलाइन करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस फैसले से आम नागरिकों को सुविधा मिलने के साथ-साथ नगरीय प्रशासन व्यवस्था भी अधिक आधुनिक और जवाबदेह बनेगी।
