छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में फूड अफसर नहीं, दूरस्थ जिलों से प्रभार देकर खाद्य सुरक्षा का काम चलाया जा रहा, जिससे व्यवस्था और जांच दोनों प्रभावित।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था अजीब हालात से गुजर रही है। प्रदेश के 14 जिलों में एक भी नियमित फूड सेफ्टी ऑफिसर (Food Safety Officer) पदस्थ नहीं है। इन जिलों में खाद्य पदार्थों की जांच, नमूना संग्रह और कार्रवाई जैसे अहम कार्य दो सौ किलोमीटर दूर बैठे दूसरे जिलों के अधिकारियों के भरोसे चलाए जा रहे हैं। इससे न सिर्फ काम की गति प्रभावित हो रही है, बल्कि खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों में एक ही फूड अफसर को दो से तीन जिलों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ऐसे में समय पर निरीक्षण, होटल-ढाबों की जांच और मिलावट के मामलों पर कार्रवाई लगभग नामुमकिन हो गई है। अधिकारियों को महीने में गिने-चुने दिन ही प्रभार वाले जिलों में जाना पड़ता है, जिससे शिकायतों का निराकरण लंबित रहता है।
खाद्य विभाग के जानकारों का कहना है कि त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में मिलावट की आशंका सबसे ज्यादा होती है, लेकिन फूड अफसरों की भारी कमी के कारण जांच कमजोर पड़ जाती है। कई जिलों में तो वर्षों से स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है।
इस व्यवस्था से आम जनता की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है। उपभोक्ता संगठनों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द सभी जिलों में फूड सेफ्टी ऑफिसरों की नियमित नियुक्ति की जाए, ताकि खाद्य सुरक्षा कानून का प्रभावी ढंग से पालन हो सके।





अपनी प्रतिक्रिया दें