रायपुर की न्यू स्वागत विहार कॉलोनी की सभी रजिस्ट्रियां शून्य घोषित, नियमों की अनदेखी बनी वजह, अब प्लॉट धारकों को दोबारा रजिस्ट्री करानी होगी।
रायपुर। राजधानी रायपुर के न्यू स्वागत विहार कॉलोनी से जुड़ा एक चौंकाने वाला और अभूतपूर्व मामला सामने आया है। यहां कराई गई जमीन की रजिस्ट्रियां प्रशासनिक जांच के बाद शून्य (निरस्त) घोषित कर दी गई हैं। इसका सीधा असर सैकड़ों प्लॉट धारकों पर पड़ा है, जिन्हें अब अपनी जमीन की रजिस्ट्री दोबारा करानी होगी। बताया जा रहा है कि रायपुर जिले में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जहां पूरी कॉलोनी की रजिस्ट्री को अमान्य कर दिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, न्यू स्वागत विहार कॉलोनी की जमीन से जुड़ी वैधानिक प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाई गई हैं। कॉलोनी विकसित करने से पहले आवश्यक अनुमति, ले-आउट स्वीकृति और भूमि उपयोग परिवर्तन (डाइवर्जन) से जुड़े दस्तावेज अधूरे या नियमों के विपरीत पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि जिस भूमि पर कॉलोनी बसाई गई, उसकी स्थिति और स्वामित्व से संबंधित रिकॉर्ड में विसंगतियां थीं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई रजिस्ट्री को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती। इसी कारण सभी रजिस्ट्रियों को शून्य घोषित किया गया है। अब प्लॉट धारकों को दस्तावेजों का पुनः सत्यापन कराकर नियमानुसार नई रजिस्ट्री करानी होगी।
इस फैसले के बाद कॉलोनीवासियों में चिंता और नाराजगी दोनों देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की पूंजी लगाकर प्लॉट खरीदे थे और अब दोबारा रजिस्ट्री की प्रक्रिया आर्थिक व मानसिक परेशानी बढ़ाएगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे मामले में संबंधित कॉलोनाइजर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि अनियमितताएं जानबूझकर की गई पाई गईं, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
यह मामला राजधानी में रियल एस्टेट से जुड़े नियमों और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भविष्य में कॉलोनी विकास और रजिस्ट्री प्रक्रिया को और सख्त किया जा सकता है, ताकि आम लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


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