छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिला मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया, विकास के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिला मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया है। नीति आयोग द्वारा जारी ताज़ा रैंकिंग में यह जिला शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पोषण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के कारण शीर्ष तीन जिलों में शामिल हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ सरकार के समावेशी विकास दृष्टिकोण और जनभागीदारी आधारित योजनाओं का परिणाम है।
राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ की चमक
नीति आयोग की ‘आकांक्षी जिला कार्यक्रम’ (Aspirational Districts Programme) के तहत देशभर के 112 जिलों का मूल्यांकन किया गया। इस मूल्यांकन में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधन, पोषण, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास जैसे 49 संकेतकों के आधार पर अंक दिए गए।
इनमें से मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी जिला 2025 की पहली तिमाही में तीसरे स्थान पर रहा।
नीति आयोग के अनुसार, इस जिले ने विशेष रूप से महिला पोषण, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किया है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा —
“मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी की यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य का हर जिला विकास के समान अवसर पाए। यह रैंकिंग हमारी नीतियों की सफलता और स्थानीय प्रशासन की प्रतिबद्धता का परिणाम है।”
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सिर्फ रैंकिंग पाना नहीं, बल्कि हर नागरिक तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है।
जिले की प्रगति की कहानी
मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी जिला छत्तीसगढ़ का नवीनतम जिलों में से एक है, जो गठन के बाद से तेज़ी से विकास की राह पर आगे बढ़ा है।
यह जिला मुख्यतः आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां पहले शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी थी।
पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने मिलकर अनेक परिवर्तनकारी कदम उठाए हैं।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में “मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना” के माध्यम से ग्रामीणों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई।
- शिक्षा क्षेत्र में “e-Class Chhattisgarh” मॉडल लागू कर डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा दिया गया।
- कृषि क्षेत्र में किसानों को ड्रिप इरिगेशन और जैविक खेती की दिशा में प्रोत्साहित किया गया।
- महिला सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूहों को नए रोजगार अवसरों से जोड़ा गया।
नीति आयोग की प्रशंसा
नीति आयोग ने अपने रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी ने “सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव दर”, “टीकाकरण प्रतिशत” और “स्कूल उपस्थिति दर” में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
साथ ही जिले ने ‘Financial Inclusion’ के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण परिवारों के बैंक खातों की संख्या में वृद्धि की है।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका
जिला कलेक्टर ने बताया कि टीम वर्क और जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा — “हमारा उद्देश्य सिर्फ आंकड़ों में सुधार नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को वास्तव में बेहतर बनाना है। ग्रामीण इलाकों में योजनाओं की निगरानी स्वयं जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से की जा रही है।”
जनभागीदारी बनी सफलता की कुंजी
मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में विकास की इस यात्रा में जनता की सहभागिता ने बड़ा योगदान दिया है।
स्वयं सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों और युवाओं ने योजनाओं के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई।
इसके अलावा, जिले में डिजिटल साक्षरता और स्वच्छता अभियान के माध्यम से लोगों को प्रशासन के साथ जोड़ा गया।
भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार अब मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी मॉडल को अन्य जिलों में भी लागू करने की दिशा में काम करेगी।
उन्होंने बताया कि आकांक्षी जिलों को “मॉडल ब्लॉक” के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि ग्रामीण विकास की योजनाओं का लाभ तेजी से गांव-गांव तक पहुंचे।
राज्य सरकार आगामी तिमाही में स्वास्थ्य, डिजिटल शिक्षा और महिला स्वावलंबन पर विशेष फोकस करने की योजना बना रही है।
जिले के लोगों में खुशी
इस राष्ट्रीय उपलब्धि के बाद जिले में खुशी की लहर है। गांवों में लोगों ने स्थानीय प्रशासन और मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
महिला समूहों और स्कूलों में इस उपलब्धि पर छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित किए गए।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि अब उन्हें यह विश्वास है कि उनका जिला देश के सर्वश्रेष्ठ जिलों में गिना जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान
यह तीसरा स्थान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि यह प्रमाण है कि छोटे जिलों में भी बड़े बदलाव संभव हैं जब नीयत और नीतियां सही दिशा में हों।
मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी अब उन जिलों की सूची में शामिल है जो “नया भारत – नया विकास” की भावना को साकार कर रहे हैं।
निष्कर्ष रूप में, मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी की राष्ट्रीय उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ की पहचान को और मज़बूती दी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का “विकास सबका – साथ सबका” दृष्टिकोण अब जमीनी स्तर पर परिणाम दे रहा है।
