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चरौदा में विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में पहुंचे विधायक

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 18 August 2025

चरौदा में विश्व आदिवासी दिवस पर विधायक अनुज शामिल हुए। उन्होंने आदिवासी संस्कृति को प्रणाम करते हुए समाज की परंपराओं और योगदान को संरक्षित करने का संकल्प दोहराया।

रायपुर/चरौदा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को चरौदा में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक अनुज शर्मा ने विशेष रूप से शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश की आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और उनकी अनूठी जीवनशैली को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की असली ताकत यहां की विविधता और समृद्ध आदिवासी धरोहर है।

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कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक नृत्य और गीतों के साथ हुई, जहां स्थानीय आदिवासी कलाकारों ने अपनी कला से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। विधायक अनुज ने आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए कहा— “छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति न केवल इस राज्य की पहचान है बल्कि पूरे देश और दुनिया में गर्व का विषय है। हमें इसे संजोकर नई पीढ़ियों तक पहुंचाना है।”

आदिवासी संस्कृति की विरासत

छत्तीसगढ़ की आदिवासी परंपराएं हजारों वर्षों से चली आ रही हैं। इनमें प्रकृति के प्रति गहरा सम्मान, सामूहिक जीवन की सोच और सामाजिक समरसता की झलक देखने को मिलती है। विधायक अनुज ने कहा कि यह संस्कृति हमें पर्यावरण संतुलन और सामुदायिक जीवन जीने की सीख देती है।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि आधुनिकता के दौर में भी आदिवासी समाज अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

आदिवासी समाज के योगदान पर जोर

अपने उद्बोधन में विधायक अनुज ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश के विकास तक में आदिवासी समाज का योगदान अमूल्य रहा है। वीर नारायण सिंह जैसे महानायकों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज ने हमेशा देश की आन-बान-शान की रक्षा की है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी आदिवासी समाज के विकास और उनकी परंपराओं के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े कई कार्यक्रम उनके उत्थान के लिए संचालित किए जा रहे हैं।

सांस्कृतिक झलकियां

कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य सुआ, करमा और गेड़ी का शानदार प्रदर्शन किया गया। बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मंच पर जब आदिवासी कलाकारों ने मांदर और नगाड़ों की ताल पर प्रस्तुति दी तो उपस्थित दर्शक झूम उठे।

विधायक अनुज ने इस दौरान कलाकारों और समाज के प्रमुखों का सम्मान किया और उन्हें संस्कृति के वाहक बताते हुए आगे भी इसी तरह परंपरा को जीवित रखने की अपील की।

आदिवासी समाज के लिए सरकार की योजनाएं

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई विद्यालय और छात्रावास खोले हैं। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।

विधायक अनुज ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी आदिवासी समाज की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी और उनकी संस्कृति को संरक्षित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

स्थानीय जनों की प्रतिक्रिया

आदिवासी समाज के लोगों ने विधायक अनुज के इस प्रयास को सराहा और कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज की संस्कृति को पहचान और नई ऊर्जा मिलती है। एक बुजुर्ग आदिवासी नेता ने कहा कि “जब हमारे प्रतिनिधि हमारी संस्कृति को मंच पर सम्मान देते हैं, तो हमें गर्व महसूस होता है।”

निष्कर्ष

चरौदा में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ सांस्कृतिक उत्सव नहीं बल्कि एक आदिवासी गौरव दिवस बन गया। विधायक अनुज की मौजूदगी और उनके संबोधन ने यह संदेश दिया कि आदिवासी संस्कृति छत्तीसगढ़ की आत्मा है और इसे संजोना हम सबका दायित्व है।


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